
इंदौर. वृद्धा पेंशन योजना में भ्रष्टाचार के गंभीर मामले सामने आए हैं, जहां बुजुर्गों के हक का पैसा गलत हाथों में जा रहा है या कागजी प्रक्रियाओं में उलझाकर उनका हक डकारा जा रहा है. भ्रष्टाचार के चलते जहां कई पात्र बुजुर्गों के हक पर डाका डाला जा रहा है, वहीं दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर कई अपात्र लोग उम्र या आय प्रमाण पत्र में हेरफेर करके पेंशन ले रहे हैं. 2026 के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे असुरक्षित राज्यों में से एक बना हुआ है.
यही नहीं, मृत व्यक्ति या सरकारी कर्मचारियों के परिजनों के नाम से पेंशन जारी होने के मामले भी सामने आए हैं. इंदौर में ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जहाँ कागजी कार्रवाई पूरी न होने के कारण एक साल तक पेंशन रुकी रही. दूसरी ओर बुजुर्गों के साथ साइबर ठगी के मामले भी आए हैं. ठग बुजुर्गों को बैंक अधिकारी बनकर कॉल करते हैं और केवाईसी या डेटा अपडेट करने के बहाने उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं.
शहर के मालवा मिल क्षेत्र के नया प्लाट पंचम की फेल से वृद्धावस्था पेंशन योजना में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. क्षेत्र के कई बुजुर्ग हितग्राहियों ने बताया कि केवाईसी का हवाला देकर उनकी पेंशन अचानक बंद कर दी जाती है. कई मामलों में महीनों ही नहीं, बल्कि एक-एक वर्ष तक पेंशन की राशि उनके खातों में नहीं पहुंचती. हितग्राहियों का कहना है कि पेंशन दोबारा शुरू होने पर भी रुकी हुई अवधि की पूरी राशि नहीं दी जाती, जब वे बैंक या संबंधित विभाग से बकाया राशि की जानकारी मांगते हैं तो उन्हें स्पष्ट जवाब नहीं मिलता. ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा भेजी गई करोड़ों रुपये की पेंशन राशि आखिर कहां जा रही है और हितग्राही को दी क्यों नहीं जाती. बुजुर्गों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर बकाया राशि दिलाने और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही है. यह मामला सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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यह बोले हितग्राही…
मुझे चार साल से पेंशन मिल रही थी, अचानक बंद कर दी गई, फिर डेढ़ साल बाद पिछले महीने पेंशन मिली, लेकिन डेढ़ साल की बकाया राशि नहीं दी, मांगने पर बैंक अधिकारी द्वारा साफ मना कर दिया गया.
-शांति बाई
यह सब अधिकारियों की मिलीभगत का खेल है. हर अधिकारी कमा रहा है, करोड़ों का घोटाला है. पेंशन बंद करने से पहले हितग्राहियों को केवाईसी के लिए सूचना देना चाहिए. बकाया राशि भी हितग्राहियों को मिलनी चाहिए.
– कन्हैयालाल कुन्हारे
बुजुर्गों के कुछ और भी खर्च होते हैं, महंगाई दिनोदिन बढ़ रही है, पेंशन योजना में मात्र 600 रुपए दिए जाते हैं, वह भी कई बार नहीं दिए जाते. पेंशन की राशि कम से कम डेढ़ हजार रुपए प्रति महीना होना चाहिए.
– गंगाराम
