देहरादून | मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से विदेशी मुद्रा बचाने की अपील की है। पीएम ने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल, एलपीजी और खाद्य तेल की खपत कम करने के साथ-साथ अगले एक साल तक विदेश यात्रा टालने और सोना न खरीदने का आग्रह किया है। इस अपील के बाद से ही बाजार में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कई लोग इसे भविष्य में आने वाले किसी बड़े आर्थिक संकट के संकेत के रूप में देख रहे हैं, जिसके कारण निवेश को लेकर आम जनता के बीच गहरी चिंता और हलचल देखी जा रही है।
राजधानी देहरादून के प्रसिद्ध आभूषण बाजारों जैसे धामावाला और पलटन बाजार में पीएम की इस अपील का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। ‘ईटीवी भारत’ की टीम द्वारा किए गए रियलिटी चेक में सामने आया कि ग्राहक इस अपील को खरीदारी रोकने के बजाय ‘कीमतें बढ़ने की चेतावनी’ के रूप में देख रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि लोग इस असमंजस में हैं कि यदि अभी सोना नहीं खरीदा, तो भविष्य में इसकी कीमतें आसमान छू सकती हैं। इसी आशंका के चलते बाजारों में खरीदारी कम होने के बजाय कुछ केंद्रों पर बढ़ती हुई नजर आ रही है।
ज्वेलरी शॉप संचालकों और ग्राहकों के बीच हो रही बातचीत से स्पष्ट है कि लोग सुरक्षित निवेश के लिए अभी भी सोने को पहली पसंद मान रहे हैं। कई ग्राहकों का मानना है कि वैश्विक तनाव के बीच सोने की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है, इसलिए वे पीएम की अपील के बावजूद अपनी जरूरतों और निवेश की योजना को जल्द पूरा करना चाहते हैं। फिलहाल, देहरादून के सर्राफा व्यापारियों के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि एक ओर सरकार विदेशी मुद्रा भंडार बचाने पर जोर दे रही है, तो दूसरी ओर आम नागरिक अपनी पूंजी सुरक्षित करने के लिए सोने की ओर भाग रहे हैं।

