नयी दिल्ली, 12 मई (वार्ता) सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के वार्षिक और चौथी तिमाही के आंकड़े इस बार 05 जून को जारी होंगे।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने इन आंकड़ों के प्रकाशन की तिथि में स्थायी रूप से बदलाव करने की घोषणा की है। जीडीपी के तिमाही आंकड़े फरवरी, मई, अगस्त और नवंबर में अंतिम कार्य दिवस पर जारी होते थे। वार्षिक और चौथी तिमाही के अनंतिम अनुमान के आंकड़े मई के अंतिम कार्य दिवस पर जारी किये जाते थे।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि वार्षिक और चौथी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े हर साल 07 जून या उस दिन अवकाश होने की स्थिति में उससे पहले के कार्य दिवस पर जारी किये जायेंगे। इस साल 07 जून को रविवार है और उससे पहले का कार्य दिवस 05 जून को है।
मंत्रालय ने बताया कि “राष्ट्रीय लेखा सांख्यिकी के लिए सलाह समिति से परामर्श के बाद” आंकड़ों की गुणवत्ता को और मजबूत करने के उद्देश्य से यह संशोधित कार्यक्रम लागू किया गया है। तारीख बदलने की आवश्यकता इसलिए महसूस हुई कि कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े लगभग दो महीने की देरी से उपलब्ध होते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि सूचीबद्ध कंपनियों के लिए चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष के ऑडिट किये हुए वित्तीय परिणाम दाखिल करने की वैधानिक समय-सीमा वित्त वर्ष समाप्त होने के 60 दिन बाद तक होती है। इसके कारण बड़ी संख्या में कंपनियां अपने वित्तीय विवरण 31 मई की अंतिम तिथि के आसपास जमा करती हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के खातों से संबंधित मार्च महीने के महत्वपूर्ण वित्तीय आँकड़े – जैसे राजस्व व्यय, पूंजीगत व्यय, कर, सब्सिडी और ब्याज भुगतान – भी लगभग दो महीने बाद अंतिम रूप से उपलब्ध हो पाते हैं। इन कारकों के मद्देनजर यह बदलाव किया गया है।
