नोएल अपने बड़े भाई रतन टाटा की तरह शांत व संयमित आचरण के लिए जाने जाते हैं। उनकी खूबी लो-प्रोफाइल नेतृत्व शैली है, जो रतन टाटा के ज्यादा सार्वजनिक रहने के नजरिये के उलट है।
देश के सबसे बड़े बिजनेस समूहों में से एक टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस ने नोएल टाटा को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर नियुक्त किया है। आज 14 अगस्त को कंपनी की 107वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में ये फैसला लिया गया है। यह रतन टाटा (Ratan Tata) के निधन के बाद टाटा सन्स की पहली जनरल मीटिंग है।
बता दें कि नोएल टाटा पिछले साल अक्टूबर में रतन टाटा के निधन के बाद से टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन का पद संभाल रहे हैं। अब अधिकारिक रूप से वे टाटा सन्स के बोर्ड में शामिल हो गए हैं। नोएल टाटा की नियुक्ति टाटा ट्रस्ट की ओर से हुई है। ये ट्रस्ट टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखता है और टाटा ग्रुप के कामकाज के महत्वपूर्ण निर्णय लेता है।
