
सीधी। बहरी पुलिस ने जंगल में मिली अज्ञात महिला की अंधी हत्या का सफल पर्दाफाश करते हुए 24 घंटे में अंधी हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए सनसनीखेज हत्याकांड के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अरविंद श्रीवास्तव एवं डीएसपी मुख्यालय अमन मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना बहरी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हत्यारे को दबोचकर सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस के अनुसार बीते 04 मई 2026 को ग्राम ददरी-बैसाहिया जंगल के समीप तरका पोडी रोड किनारे एक अज्ञात महिला का रक्तरंजित शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बहरी निरीक्षक राजेश पाण्डेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गहन शिनाख्त के बाद मृतिका की पहचान रामकली सिंह गोड 36 वर्ष निवासी ग्राम कठास ,जमोड़ी के रूप में हुई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने जब मृतिका के संपर्कों और घटना स्थल के आसपास के रूट का तकनीकी विश्लेषण किया, तो एक महरून रंग की अल्टो कार एमपी 19- सीए -2597 संदेह के घेरे में आई। जांच में पता चला कि मृतिका अंतिम बार पवन साहू पिता राजकरण साहू निवासी नेबूहा के साथ देखी गई थी।
हत्या का कारण और खुलासा-
पुलिस हिरासत में कड़ी पूंछताछ के दौरान आरोपी पवन साहू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उनके बीच पुराना विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते वह मृतिका को बहला-फुसलाकर अपनी कार में बैठाकर एकांत जंगल में ले गया। वहां विवाद बढ़ने पर आरोपी ने आपा खो दिया और कार में रखे व्हीलपाना एवं भारी पत्थर से सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर महिला की निर्मम हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को सड़क किनारे फेंककर फरार हो गया।
वैधानिक कार्यवाही-
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त अल्टो कार,
मृतिका का मोबाइल फोन, आला-कत्ल (व्हीलपाना व पत्थर) बरामद कर लिया । आरोपी के विरुद्ध थाना बहरी में धारा 103(1) बीएनएस एवं 3(2)( व्ही ) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस चुनौतीपूर्ण अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी बहरी निरीक्षक राजेश पाण्डेय एवं उनकी पूरी टीम उपनिरीक्षक समयलाल वर्मा, सउनि जेएन श्रीवास्तव व अन्य अधीनस्थ कर्मचारी की तकनीकी सूझबूझ और तत्परता की पुलिस अधीक्षक द्वारा सराहना की गई है।
