
ग्वालियर। पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अनूप मिश्रा ने कहा है कि अब समय आ गया है, देश क्या दुनिया के सारे ब्राहमण समाज को एक हो जाना चाहिये। क्योंकि ब्राहमण समाज को समझना चाहिये कि शक्ति अलग अलग बंटने में नहीं एक होने में हैं। मिश्रा ने कहा कि देश के सकल ब्राहमण समाज को एकजुट होकर समाज व राष्ट्रहित में काम करना होगा।
रविवार को ग्वालियर में विश्व ब्राहमण कल्याण परिषद की राज्य इकाई के अध्यक्ष नर्मदा शंकर भार्गव के नाम की घोषणा करते हुये पूर्व मंत्री एवं विश्व ब्राहमण कल्याण परिषद के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनूप मिश्रा ने कहा कि देश में 24 प्रतिशत आबादी, ब्राहमण समाज की हैं, जो देश के उत्थान, विकास व राष्ट्रहित में निरंतर योगदान दे रही है, लेकिन कुछ स्वार्थवश हमारे ही समाज के लोग अलग अलग संगठन बनाकर काम कर रहे हैं, जिससे हम समाज हित में पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते है। इसीलिये विश्व के सभी ब्राहमण समाज ने पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र व पूर्व केन्द्रीय मंत्री अश्विनी चैबे के नेतृत्व में विश्व ब्राहमण कल्याण परिषद का गठन किया हैं, जिसके संरक्षक स्वामी कैलाशानंद गिरि है। परिषद में देश के ब्राहमण समाज के लोग भी जोड़े गये है, जो समाज की एकजुटता पर काम कर रहे हैं।
पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने एक सवाल के जबाब में स्वीकार किया कि ब्राहमणों के संगठन सैंकड़ों कार्यरत है फिर भी एकजुटता नहीं है, इसीलिये यह परिषद रूपी महासंगठन बनाना पड़ा। मिश्रा ने कहा कि ब्राहमण समाज ही एकमात्र ऐसा समाज है जो सभी समाजों को साथ लेकर देशहित में आगे बढ़ना चाहता है। हम मानते है कि हम व्यक्ति से पहले समाज और राष्ट्रहित की भावना देखते है। उन्होंने कहा कि विश्व ब्राहमण कल्याण परिषद इसी भाव के साथ काम कर रहा है।
*नर्मदा शंकर का परिचय कराया*
पूर्व मंत्री अनूप मिश्रा ने इस मौके पर नर्मदाशंकर भार्गव का परिचय भी कराया। भार्गव को परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष डा. सतीश शर्मा ने मध्यप्रदेश का अध्यक्ष नियुक्त किया हैं।
