इंदौर: शहर के बिल्डरों को धमकाकर वसूली की कोशिश के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी बिल्डरों के घर, ऑफिस और उनकी मूवमेंट की रेकी कर जानकारी गैंग तक पहुंचाता था. इस मामले में पहले भी धमकी भरे कॉल और वॉट्सऐप मैसेज के जरिए रुपए मांगने और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी.
डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि एसआईटी ने उज्जैन के महीदपुर निवासी सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा को गिरफ्तार किया है. वह पहले पकड़े गए आरोपी राजपाल चंद्रावत (नागदा) को इंदौर के कारोबारी विवेक दम्मानी, चेतन सिंह पंवार और कुंवर सिंह भूरिया की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराता था. जांच में सामने आया कि राजपाल कसरावद जेल में बंद रहते हुए भी हैरी बॉक्सर से जुड़ा हुआ था. उससे पूछताछ में सोनू उर्फ रितेश खंगार का नाम सामने आया, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है. इसके बाद सचिन का इनपुट मिला, जिसे साइबर तकनीक और मुखबिर तंत्र की मदद से ट्रेस कर पकड़ लिया.
सिग्नल ऐप के जरिए पहुंचाता था जानकारी
पुलिस के अनुसार, सचिन को महिदपुर से बुलाकर तीन दिन तक पूछताछ की गई. शुरुआत में वह जानकारी छिपाता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ में उसने कबूला कि उसने अवैध लाभ के लिए बिल्डरों की लोकेशन, घर ऑफिस और प्रॉपर्टी की रेकी कर यह जानकारी राजपाल को दी थी. यह जानकारी आगे सिग्नल ऐप के जरिए हैरी बॉक्सर तक पहुंचाई जाती थी. आरोपी के मोबाइल की जांच में कई संदिग्ध ग्रुप मिले हैं, जिनका कनेक्शन लॉरेंस गैंग से बताया जा रहा है.
आपस में कोड वर्ड में बातचीत करते थे आरोपी
बातचीत में कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें 007 और एलबी (लॉरेंस बिश्नोई) जैसे संकेत मिले हैं. पुलिस ने इस मामले में अब तक सचिन उर्फ वेद प्रकाश शर्मा, राजपाल चंद्रावत और सोनू उर्फ रितेश खंगार को गिरफ्तार किया है. मामले में डीसीपी का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क में देवास और इंदौर के कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता की आशंका है. मामले में आगे की जांच जारी है और शहर में गैंग की संभावित साजिश के पहलुओं को खंगाला जा रहा है
