
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने पूर्व आदेश का पालन नहीं करने के खिलाफ दायर की गयी अवमानना याचिका पर सख्त रूख अपनाया है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने मामले में एमएसएमई विभाग के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी किये हैं। न्यायालय ने भोपाल और रीवा एसपी को वारंट तामील कराने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित की है।
जिला उद्योग केंद्र रीवा में पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जयप्रकाश तिवारी की तरफ से दायर अवमानना याचिका में कहा गया है कि वह मैनेजर पद पर प्रमोशन पाने के पात्र थे, लेकिन विभाग की ओर से कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा था, जिस पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। न्यायालय ने नवंबर 2024 को आदेश जारी कर संबंधित अधिकारियों को नब्बें दिनों के भीतर उनकी पदोन्नति पर फैसला लेने के निर्देश दिए थे। उक्त समयावधि बीत जाने के बावजूद भी जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब यह अवमानना का मामला दायर किया गया। जिसमें एमएसएमई मंत्रालय के प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और जिला उद्योग केंद्र रीवा के जनरल मैनेजर राहुल दुबे को पक्षकार बनाया गया था। मामले की सुनवाई दौरान न्यायालय ने पाया कि तीनों अधिकारियों को नोटिस विधिवत तामील हो चुके हैं, इसके बावजूद उनकी ओर से कोई भी न्यायालय में पेश नहीं हुआ। जिस पर नाराजगी जताते हुए न्यायालय ने तीनों अधिकारियों के खिलाफ 25-25 हजार रुपए के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिये।
