नई दिल्ली | फरवरी 2020 में ओडिशा के तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के आवास पर आयोजित एक ‘पावर लंच’ की तस्वीर आज फिर चर्चा का केंद्र बन गई है। इस तस्वीर में अमित शाह, ममता बनर्जी, नीतीश कुमार और नवीन पटनायक एक साथ ओड़िया व्यंजनों का आनंद लेते दिख रहे थे। उस समय सीएए और एनआरसी जैसे मुद्दों पर राजनीति गरमाई हुई थी। आज छह साल बाद जब पूर्वी भारत का राजनीतिक नक्शा पूरी तरह बदल चुका है, लोग इस तस्वीर को सत्ता के बड़े उलटफेर के प्रतीक के रूप में देख रहे हैं, जहाँ एक मेज पर बैठे दिग्गज आज एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी साबित हुए।
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो सबसे चौंकाने वाला बदलाव ओडिशा में दिखा, जहाँ 24 वर्षों का नवीन पटनायक का शासन 2024 में समाप्त हो गया और भाजपा ने पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई। नवीन पटनायक को अपने करियर की पहली व्यक्तिगत हार का भी सामना करना पड़ा। वहीं बिहार में भी भारी उठापटक देखी गई; नीतीश कुमार ने कई बार पाला बदला, लेकिन अंततः 2026 में बिहार को भाजपा का पहला मुख्यमंत्री मिला और नीतीश कुमार का युग धीरे-धीरे हाशिए पर चला गया। इन दोनों राज्यों में भाजपा ने अपनी जड़ें इतनी मजबूत कीं कि पुराने क्षेत्रीय क्षत्रपों को सत्ता से बाहर होना पड़ा।
पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे तीखा संघर्ष देखने को मिला। 2021 की हार के बाद भाजपा ने हार नहीं मानी और सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में संगठन का विस्तार जारी रखा। साल 2026 के विधानसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर करते हुए भाजपा ने ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर दिया और सुवेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री बने। 2020 की उस लंच टेबल पर बैठी ममता बनर्जी आज विपक्ष में हैं। इस तरह, उस एक तस्वीर में मौजूद लगभग सभी क्षेत्रीय दिग्गजों की सत्ता या तो चली गई या उनके समीकरण पूरी तरह ध्वस्त हो गए, जिसे सोशल मीडिया पर ‘तस्वीर का चक्रव्यूह’ कहा जा रहा है।

