सड़क से लेकर घाट सिंहस्थ से पूर्व हो रहे तैयार

उज्जैन: महाकाल की नगरी में महाकुंभ 2028 की तैयारी की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की जा रही है, भोपाल ही नहीं बल्कि उज्जैन आकर भी लगातार निर्माण कार्यों विकास कार्यों का जायजा सीएम द्वारा लिया जा रहा है और अफसरों के साथ वन टू वन चर्चा भी की जा रही है. सीएम डॉ यादव मंगलवार को उज्जैन आएंगे ऐसे में अफसरों ने सोमवार को सड़कों से लेकर घाट तक का दौरा किया.

सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी ताकत से जुटा हुआ है. अनुमान है कि आयोजन के दौरान करीब 30 करोड़ श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे. इसी को ध्यान में रखते हुए शहर में व्यापक स्तर पर विकास और निर्माण कार्य किए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप लगभग 21 हजार करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं, जिससे उज्जैन की तस्वीर बदलती दिखाई दे रही है.

29 किमी घाट का निर्माण
सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 29 किलोमीटर से अधिक लंबाई में नए घाटों का निर्माण किया जा रहा है. जीवनखेड़ी क्षेत्र में चल रहे घाट निर्माण कार्य का कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने निरीक्षण किया.

गुणवत्ता की जांच
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अर्थवर्क और जीएसबी लेयर की गुणवत्ता की जांच कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि की-वॉल और टो-वॉल का कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रत्येक दिन की स्पष्ट कार्ययोजना बनाकर उसी के अनुसार प्रगति सुनिश्चित की जाए. जल संसाधन विभाग के सिंहस्थ अनुभाग के सभी 13 इंजीनियरों को प्रतिदिन अलग-अलग निर्माण स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गुणवत्ता और समयसीमा दोनों पर विशेष ध्यान रखा जा सके.

आयुक्त ने देखी सड़क
इधर, नगर निगम भी सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने में जुटा है. एसआर-04 पर डी-मार्ट के सामने लगभग 23 करोड़ रुपए की लागत से 18 मीटर चौड़ी और 1500 मीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है. वहीं, जीवनखेड़ी क्षेत्र में लगभग 38 करोड़ रुपए की लागत से 30 मीटर चौड़ी और 2 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है.

संसाधन और मजदूर बढ़ाएं
इन परियोजनाओं में सर्विस रोड, सेंट्रल लाइटिंग, डिवाइडर, पाथवे और ड्रेनेज व्यवस्था भी शामिल है. नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि संसाधन और मानवबल बढ़ाकर कार्य में गति लाई जाए, ताकि निर्धारित समय में उच्च गुणवत्ता के साथ काम पूरा हो सके.

बदल रही उज्जैन की तस्वीर
सड़क, घाट, प्रकाश व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं के ये कार्य केवल सिंहस्थ तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि आने वाले वर्षों में उज्जैन की यातायात व्यवस्था, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगे. बड़े पैमाने पर हो रहे निवेश और सख्त मॉनिटरिंग के चलते शहर में विकास की रफ्तार साफ दिखाई दे रही है. सिंहस्थ 2028 को व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए प्रशासनिक अमला लगातार मैदानी स्तर पर सक्रिय है

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