मुंबई | सार्वजनिक क्षेत्र के दिग्गज बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के बेहतरीन नतीजे पेश किए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 11 प्रतिशत बढ़कर 5,616 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल इसी अवधि में 5,048 करोड़ रुपये था। इस दौरान बैंक की कुल आय भी बढ़कर 36,609 करोड़ रुपये हो गई है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में भी उल्लेखनीय सुधार देखा गया है और यह 11,020 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,494 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई है। इन मजबूत आंकड़ों के कारण सोमवार को शेयर बाजार खुलने पर बैंक के शेयरों में तेजी की उम्मीद जताई जा रही है।
बैंक के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों को खुश करते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.50 रुपये प्रति शेयर के लाभांश (Dividend) की सिफारिश की है। मुनाफे के साथ-साथ बैंक की एसेट क्वालिटी में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है। बैंक का ग्रॉस एनपीए (GPA) रेशियो 2.26 प्रतिशत से घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया है, जबकि नेट एनपीए भी गिरकर मात्र 0.45 प्रतिशत के स्तर पर आ गया है। यह गिरावट बैंक की मजबूत होती वित्तीय स्थिति और बेहतर ऋण प्रबंधन को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। पूरे वित्त वर्ष के लिए बैंक का शुद्ध मुनाफा 20,021 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।
मार्च 2026 तिमाही के अंत तक बैंक ऑफ बड़ौदा की कुल जमा राशि (Deposits) में भारी वृद्धि हुई है और यह 16,48,487 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। शुक्रवार को बाजार बंद होने तक बैंक का शेयर 264.05 रुपये पर रहा, जबकि बैंक का कुल मार्केट कैप 1.36 लाख करोड़ रुपये है। हालांकि साल 2026 में शेयर की कीमतों में कुछ गिरावट देखी गई थी, लेकिन ताजा तिमाही नतीजों और शानदार डिविडेंड घोषणा के बाद निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बैंक पर मजबूत हुआ है। बैंक के 52 सप्ताह का उच्च स्तर 325.55 रुपये रहा है, जिसे पार करने की अब निवेशकों को उम्मीद है।

