पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया तेज: कोलकाता पहुंचे अमित शाह, विधायक दल की बैठक में तय होगा भविष्य का नेता

कोलकाता | पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार भाजपा की सरकार बनने की तैयारी पूरी हो चुकी है। राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाने के लिए आज शाम 4 बजे कोलकाता में नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक की देखरेख के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद कोलकाता पहुंच चुके हैं, जहां एयरपोर्ट पर शुभेंदु अधिकारी और समिक भट्टाचार्य सहित वरिष्ठ नेताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में विधायक दल का नेता चुना जाएगा, जो 9 मई को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।

मुख्यमंत्री पद की रेस में शुभेंदु अधिकारी का नाम सबसे आगे चल रहा है, जिन्होंने भवानीपुर सीट से ममता बनर्जी को हराकर भाजपा की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके अलावा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और स्वपन दासगुप्ता के नामों की भी चर्चा है। गौरतलब है कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 207 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत हासिल किया है, जबकि पिछले 15 वर्षों से सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस (TMC) महज 80 सीटों पर सिमट गई है। इस चुनावी नतीजे ने बंगाल की सत्ता संरचना को पूरी तरह बदल दिया है।

राज्य में संवैधानिक संकट की स्थिति तब पैदा हुई जब ममता बनर्जी ने नतीजों को “असली जनादेश” मानने से इनकार करते हुए इस्तीफा देने में आनाकानी की। हालांकि, राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174(2)(b) के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए गुरुवार को विधानसभा भंग कर दी, जिससे टीएमसी सरकार का औपचारिक अंत हो गया। राज्यपाल कार्यालय के अनुसार, यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, जिससे भाजपा की नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण के साथ ही बंगाल में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत होने जा रही है।

Next Post

सौ साल बाद दिखा खेड़ापति गणेश का असली स्वरूप, चोला उतरते ही भक्तों को हुए दुर्लभ दर्शन

Fri May 8 , 2026
नरसिंहगढ़: नगर के प्राचीन वार्ड क्रमांक 1 स्थित ऐतिहासिक नरसिंहगेट समीप रियासतकालीन खेड़ापति गणेश मंदिर में सोमवार को एक अनूठी घटना देखने को मिली. भगवान खेड़ापति गणेश का चोला चढ़ाने के दौरान अचानक वर्षों पुराना सिंदूरी चोला उतर गया. जिससे करीब सौ साल बाद भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का […]

You May Like