भोपाल। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने और पुलिस-जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा भोपाल में लगातार जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में भोपाल पुलिस कमिश्नरेट, आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर तथा उदय सामाजिक विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में “सृजन संवाद” कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सामुदायिक पुलिसिंग, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध से बचाव, नशामुक्ति, कैरियर मार्गदर्शन, जेंडर आधारित भेदभाव, बाल संरक्षण, सामाजिक न्याय और जरूरतमंद बच्चों के पुनर्वास जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान बालिकाओं ने मार्शल आर्ट का प्रदर्शन भी किया, जबकि सामुदायिक पुलिसिंग में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि “सृजन” पहल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को सुरक्षित, सकारात्मक और जागरूक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अपराध और नशे की प्रवृत्तियों से दूर रखा जा सके। कार्यक्रम में बच्चों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण, सुरक्षित पेयजल, बाल कल्याण, बाल विवाह रोकथाम तथा नशे से प्रभावित बच्चों के पुनर्वास जैसे मुद्दों पर जागरूकता दी गई।
पुलिस के अनुसार 14 फरवरी से 5 मई 2026 के बीच भोपाल के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगभग 70 जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में महिलाओं की सुरक्षा, सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन, असामाजिक गतिविधियां, ट्रैफिक जाम, अवैध पार्किंग, रात्रि सुरक्षा, नशा कारोबार और साइबर अपराध जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं।
इन शिकायतों के समाधान के लिए पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने, रात्रि पेट्रोलिंग तेज करने, यातायात व्यवस्था सुधारने और साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश जारी किए हैं।
