सौगातों का पिटारा खुलते ही कहीं छाई खुशी तो कहीं निराशा
तारीफ, आलोचना के बीच आम नागरिक महंगे-सस्ते पर करते रहे चर्चाएं
जबलपुर: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शनिवार को संसद में बजट पेश किया। बजट के पिटारे से निकली सौगातों पर कोई खुश है तो कोई निराश हैं। हर क्षेत्र से जुड़े लोगों की मिलीजुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ लोगों ने महंगाई को कोसा तो वहीं कुछ लोगों ने बजट का स्वागत किया। आम नागरिकों ने बजट को महंगे और सस्ते के चश्मे से देखा। बजट पर विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई। भाजपा ने ने जहां बजट की तारीफ की तो विपक्ष के नेता इसकी आलोचना की। भाजपा ने कहा कि बजट विकसित भारत के चार स्तंभ- युवा, गरीब, महिला और किसान सभी को सशक्त करेगा। ये बजट देश के भविष्य के निर्माण का बजट है। इस बजट में 2047 के विकसित भारत की नींव को मजबूत करने की गारंटी है। भाजपाईयों ने बजट को आत्मनिर्भर बनाने वाला और हर वर्ग का ध्यान रखने वाला बताया तो कांग्रेस नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि देश गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी के चिंताजनक दौर में है बजट से जो उम्मीदें थी वे दिखी नहीं। महंगाई बढ़ रही है, युवा बेरोजागर है।
आम आदमी और व्यापार के प्रति सकारात्मक बजट – जबलपुर चेम्बर
जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में पेश हुए बजट को आम आदमी और व्यापार के प्रति सकारात्मक माना गया जिसमें सरकार द्वारा मध्यम वर्ग को राहत पहुचाने की कोशिश की गई। जबलपुर चेम्बर के अध्यक्ष प्रेम दुबे का कहना है कि टेक्स स्लेब को 12 लाख रुपये तक बढ़ा कर अर्थ व्यवस्था को गति देने का प्रयास किया गया। चेम्बर चेयरमेन कमल ग्रोवर द्वारा बजट को ऐतिहासिक बताया गया। कर विशेषज्ञ अनिल अग्रवाल द्वारा बताया गया कि इन्कम टेक्स के सरलीकरण के क्षेत्र में काफी अच्छे प्रावधान किए गए और खासकर स्टार्टअप युनिट को पांच साल का रजिस्ट्रेशन और बढ़ाया जाना स्वागत योग्य कदम है। चेंबर सचिव पंकज माहेश्वरी ने कहा कि एमएसएमई को ऋण सुविधा बढ़ाए जाने का कदम छोटे उद्योगों को राहत प्रदान करेगा।
क्या बोले कांग्रेस नेता
देश गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी के चिंताजनक दौर में दाखिल हो चुका है, लेकिन, भाजपा लूटने और बेचने में लगी हुई है। मोदी सरकार के बजट में हर बार देश को निराश ही किया है। कम से कम इस बजट में किसानों की समस्याओं को दूर किया जाना चाहिए।
जीतू पटवारी, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
देश सोच रहा था कि किसानों, युवकों के लिए राहत होगी उन्हें उम्मीदें थी कि राहत मिलेगी, पेट्रोल के दाम कम होगे लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं दिखा सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें हुई है। भाजपा कहानियां बना रही हैं।
विवेक तंखा, राज्यसभा सांसद
गरीब महंगाई से मर रहा हैं, नौजवान रोजगार के तड़प रहा। किसान बॉर्डर पर बैठा हैं। बजट किताबी आंकड़े है, देश को मरहम की जरूरत है और भाजपा जख्मों पर नमक छिडक़ रही हैं।
लखन घनघोरिया, विधायक, कांग्रेस
भाजपा नेता क्या बोले
बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के लक्ष्य को साकार करने वाला है बजट विकसित भारत के चार स्तंभ- युवा, गरीब, महिला और किसान सभी को सशक्त करेगा। ये बजट देश के भविष्य के निर्माण का बजट है। इस बजट में 2047 के विकसित भारत की नींव को मजबूत करने की गारंटी है।
राकेश सिंह, लोक निर्माण मंत्री
बजट में हर वर्ग का पूरा ध्यान रखा गया है और किसान,युवाओं,मध्यम वर्ग को प्राथमिकता देते हुए अनुकूल निर्णय लिए गए हैं। बजट प्रस्तावों से हर वर्ग को बहुत फायदा होगा। बजट में युवा , अन्नदाता और मातृशक्ति पर ध्यान केंद्रित करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में विकास के उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। नई टैक्स रिजीम में 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा,इससे देश की आर्थिक शक्ति बहुत बढ़ जाएगी।
आशीष दुबे, सांसद, जबलपुर संसदीय क्षेत्र
गरीब एवं मध्यम वर्ग के लिए समर्पित लोक कल्याणकारी बजट बजट है। अब 12 लाख तक की आय पर टैक्स फ्री घोषणा की गयी, इस बजट में मुख्यत: 5 विषयों पर किसान, युवा, नारी, स्वास्थ्य एवं उत्पादन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कैंसर की 6 जीवनरक्षक दवायें और कैंसर की 36 दवाएं टैक्स फ्री की गईं हैं। सरकार का यह बजट प्रस्ताव अत्यंत जनहितकारी है।
अशोक रोहाणी, विधायक, केंट विस
बजट देश की आम जनता के हितों को ध्यान में रखकर पेश किया गया है। बजट में जिस तरह से टैक्स पेयर को छूट दी है उससे एक बड़े वर्ग को राहत मिलेगी। बजट में सभी वर्गो के हित का ध्यान रखा गया है। यह एक दूरदर्शी और विकासोमुंखी बजट है।
रत्नेश सोनकर
भाजपा नगर अध्यक्ष
बजट के माध्यम से मध्यम वर्गीय परिवार और नौकरीपेशा करने वाले लोगों के लिए बजट में बड़ी राहत प्रदान की गई है, बजट में 12 लाख तक की आय वाले नागरिकों को टैक्स नहीं लगेगा। केंद्र सरकार का यह बजट मेक इन इंडिया के सपनों को साकार करने वाला साबित होगा।
जगत बहादुर सिंह अन्नू, महापौर
बजट को देश के समग्र आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया जनहितकारी बजट निरूपित किया है। बजट विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूती देगा।
रत्नेश सोनकर, नगर अध्यक्ष भाजपा
इस बजट में मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत है।12 लाख तक की आय को टैक्स से छूट देने का कार्य मध्यम वर्गीय लोगों को सीधे तौर पर राहत देने वाला कदम है जो कि मिडिल क्लास की बचत और खर्च करने की सीमा बढ़ाएगा और अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई है, किसानों को आर्थिक संबल दिया गया है।
प्रभात साहू, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष, पूर्व महापौर
बजट जनहितैषी है। कैंसर रोगियों के लिए सभी जिला अस्पतालों में डे केयर सेन्टर की स्थापना होगी वहीं 36 प्रकार की दवाईयों को कर मुक्त किया गया है। 12 लाख तक की आय पर टैक्स नहीं लगाने के निर्णय का भी स्वागत किया है और देश के लोगों के लिए बहुत बड़ी राहत प्रदान की गई है।
रिकुंज विज, निगमाध्यक्ष
इन्होंने क्या बोला
आम बजट जहाँ बाज़ार में मुद्रास्फीति की दर को कम करने में सहायक होगा बाज़ार में रूपये की आवक को बढ़ाएगा, बढ़ती महंगाई को कम करने में भी सहायता करेगा। मध्यम वर्गीय जनसँख्या को आयकर में छूट से बाज़ार में रूपये की आवक बढ़ेगी रियल एस्टेट, इन्सुरेन्स, म्यूच्यूअल फंडों आदि में भी निवेश बढ़ेगा।
हिमांशु खरे, उद्योग व्यापार संस्था, फेडरेशन ऑफ मध्य प्रदेश चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री उपाध्यक्ष
बजट में यूरिया उत्पादन को बढ़ावे से खाद की समस्या हल होने की संभावना है, केसीसी ली लिमिट बढऩे से कुछ राहत रहेगी।
वीरेंद्र पटेल, किसान
सीटें बढ़ाने से मेडिकल और आईआईटी वालों को फायदा होगा, एआई के 3 सेंटर तो खुलेंगे,लेकिन रोजगार को लेकर अलग से कोई भी घोषणा नहीं हुई है।
अनुज चौरसिया, युवा
आमजनों के लिये कोई राहत नहीं
भारत सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट में देश के गरीब मजदूर, किसान बेरोजगार नागरिकों को कोई फायदा नही होगा और नही इससे आम जनता को कोई राहत मिलेगी । प्रस्तुत बजट के द्वारा एक बार फिर आम जनता के साथ छलावा किया गया है।
चमन श्रीवास्तव, अध्यक्ष
चेम्बर आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज
बज़ट 2025-26 में अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने तथा मुद्रा स्फीति कम करने के लिए और अधिक उपाय करने की ज़रूरत थी। इनकम टैक्स की दरों में बदलाव कर के मध्यम वर्गीय आयकर दाता को राहत प्रदान की गई है जो कि प्रशंसनिय कदम है परंतु इससे कर संग्रहण में कमी आएगी। कुल मिला कर मिला जुला बजट है।
सीए धीरज घई
