उज्जैन: पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे महाकुंभ के मद्देनजर ढेर सारी सौगात लेकर आए. रेलवे का फोकस इस बार सिर्फ ट्रेनों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि श्रद्धालुओं को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव देने पर है. इसके लिए उज्जैन और आसपास के 6 स्टेशनों को सैटेलाइट स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि मुख्य स्टेशन पर भीड़ का दबाव कम किया जा सके.
सांसद अनिल फिरोजिया के साथ जीएम तक सभी अफसरों को लेकर पहुंचे. उज्जैन स्टेशन सहित पिंगलेश्वर, पंवासा, नईखेड़ी, विक्रमनगर और अन्य क्षेत्रों में विकसित किए जा रहे प्रोजेक्ट्स का जायजा लिया गया और तय समयसीमा में काम पूरा करने की बात कही.
भीड़ नियंत्रण के इंतजाम
सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए 50,000 क्षमता वाले विशाल होल्डिंग एरिया बनाए जा रहे हैं. यहां यात्रियों को ट्रेन के समय के अनुसार रोका और व्यवस्थित तरीके से प्लेटफॉर्म तक भेजा जाएगा. स्टेशन परिसर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग मार्ग विकसित किए जा रहे हैं, साथ ही फुट ओवरब्रिज और अंडरपास का विस्तार भी किया जा रहा है.
एआई से लैस हाईटेक सुरक्षा
रेलवे सुरक्षा को पूरी तरह तकनीक आधारित बना रहा है. 6 से 7 स्टेशनों पर 600 से 700 तक ए आई आधारित स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो भीड़ की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और ट्रैक सुरक्षा पर नजर रखेंगे. इन सभी को 24&7 संचालित मास्टर कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जहां से रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी.
स्पेशल ट्रेनें और महाकुंभ एक्सप्रेस
सिंहस्थ के दौरान 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना है. भोपाल-उज्जैन के बीच हर 30 मिनट में ट्रेन उपलब्ध कराने पर भी काम चल रहा है. इसके अलावा महाकुंभ एक्सप्रेस चलाने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे देशभर से श्रद्धालु सीधे उज्जैन पहुंच सकें.
स्टेशन होंगे और ज्यादा सक्षम
रेलवे द्वारा 9 नई लाइनें बिछाने का काम किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारु रहे. मालगाड़ियों का संचालन सीमित कर यात्री ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाएगी. पिंगलेश्वर स्टेशन तक 10 मीटर चौड़ी कनेक्टिविटी रोड बनाई जा रही है, जिससे यातायात में बाधा न आए.
भोजन, पानी और स्वास्थ्य सुविधाएं
श्रद्धालुओं के लिए स्टेशन परिसरों में अस्थायी कैंटीन, सस्ते भोजन केंद्र और पैकेज्ड फूड स्टॉल लगाए जाएंगे. स्वच्छ पेयजल के लिए अतिरिक्त वाटर पॉइंट, मोबाइल वॉटर टैंकर और आर ओ प्लांट लगाए जाएंगे. इसके साथ ही स्वास्थ्य शिविर, प्राथमिक उपचार केंद्र और एम्बुलेंस सेवाएं भी 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी.
साफ-सफाई प्रबंधन
स्टेशनों पर सफाई व्यवस्था को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है. अतिरिक्त सफाईकर्मी, मैकेनाइज्ड क्लीनिंग मशीनें और कचरा प्रबंधन सिस्टम तैनात किए जाएंगे. यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया, मोबाइल टॉयलेट, विश्राम स्थल और हेल्प डेस्क भी विकसित किए जा रहे हैं.
सिंहस्थ का व्यापक प्रचार-प्रसार
रेलवे देशभर में सिंहस्थ के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष अभियान चलाएगा. ट्रेनों, स्टेशनों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए महाकुंभ की जानकारी प्रसारित की जाएगी, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु जुड़ सकें.
कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे
रेलवे की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई. इंदौर, फतेहाबाद, बड़नगर, रतलाम, नागदा, उज्जैन और देवास रूट पर मेमो ट्रेनों को नियमित करने और नई सेवाएं शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया. नागदा-कोटा मेमो को उज्जैन तक बढ़ाने की मांग भी सामने आई, जिससे स्थानीय यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है.
समयसीमा तय, गुणवत्ता पर जोर
रेलवे ने जून 2027 तक सभी प्रमुख कार्य पूरे करने का लक्ष्य तय किया है. महाप्रबंधक रामाश्रय पांडे ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और सभी सुविधाएं समय पर तैयार हों
