भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने शहर में यातायात को लेकर बुधवार को कलेक्टर कार्यालय मेें जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पुराने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई हुई है. जिसे सुधारने का मैं हर संभव प्रयास कर रहा हूं. मैं बचपन से भोपाल में ही रहा हूं मुझे शहर की जानकारी अच्छी तरह से है.शहर में अभी हम ट्रैफिक व्यवस्थित कर लेंगे. लेकिन वाहनों की संख्या भी बढ़ रही है, ऐसे में नए निर्माण की भी जरूरत है. यातायात को सुनियोजित तरीके से करने के लिए अंडर ग्राउंड टनल बनाने का काम भी शुरू करने पर विचार कर रहे हैं. फिलहाल इस योजना को मूर्त रूप देने की प्लानिंग चल रही है, जिसके लिए जल्दी ही प्रस्ताव बनाकर केंद्र को भेजेंगे. यदि सब कुछ ठीक रहा तो शहर वासियों को रोशनपुरा से एयरपोर्ट तक जाने के लिए एक टनल मिलेगी, जो शहर के नीचे से होते हुए एयरपोर्ट रोड पर जाकर निकलेगी. इस टनल से पुराने व नए शहर से होकर एयरपोर्ट जाने वालों को आसानी होगी. जिससे शहर में लगने वाले जाम लोगों को मुक्ति मिलेगी. टनल के बनने से शहर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी सकारात्मक पहचान बनाएगा, जिसके लिए हम लोग लगातार प्रयास करते हुए नया इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा कर रहे हैं.
तालाब को बचाना है, तो उद्गम स्थल इछावर से करें शुरुआत
सांसद आलोक शर्मा तालाब के अतिक्रमणों से संंबंधित फाइल लेकर कलेक्टर मिले. उन्होंने अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी दी. उसके बाद उन्होंने कहा कि अतिक्रमणों को बिना भेदभाव के साथ हटाया जाना चाहिए. तालाब कभी 39 वर्ग किमी में फैला था, जो आज केवल 29 वर्ग किमी में सिमट कर रह गया है. यदि तालाब को बचाना है, तो इसके उद्गम स्थल इछावर से शुरुआत करनी होगी.बड़े तालाब में आज 60 प्रतिधत जगह पर कैचमेंट में अतिक्रमण है. इसके लिए संभाग स्तर पर प्रयास करने होंगे. सांसद ने बताया कि जल्दी ही तालाब को बचाने के लिए वे 4 से 5 हजार लोगों को साथ लेकर मानव श्रृंखला बनाएंगे.
दो दिव्यांगों की दी पांच पांच हजार की आर्थिक सहायता
सांसद आलोक शर्मा ने कलेक्ट्रेट में मौजूद दो दव्यांगों अजय कुमार दाहिया और वीरेंद्र शाक्य से बात करते हुए उनकी समस्या पूछी तो दोनों ने बताया कि दोनों आंखों से दिव्यांग हैं और उनकी दुकान हमीदिया अस्पताल के बाहर थी, लेकिन अतिक्रमण अमले की कार्रवाई के दौरान दोनों की दुकान बंद करवा दी गई है. इस कारण रोजी-रोटी कमाने मेें समस्या आ रही है. इस पर सांसद ने दोनों को मौके पर ही 5-5 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे दी. बता दें कि दोनों दिव्यांग कलेक्टर से कहीं दुकान लगाकर देने की गुहार लेकर आए थे.
