भोपाल: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जिले में संचालित विभिन्न क्लिनिक्स की जांच की गई। जांच के दौरान शुद्धि आयुर्वेद – जीना सीखो लाइफ केयर लिमिटेड अस्पताल का संचालन बंद करवा दिया गया है। प्राथमिक जांच में ये भी सामने आया है कि इस अस्पताल द्वारा कैंसर सहित गंभीर बीमारियों के जड़ से इलाज किए जाने के विज्ञापन किए जा रहे हैं। सी एम एच ओ दल द्वारा एम पी नगर डॉक्टर बत्रा क्लीनिक का निरीक्षण किया गया।
इस क्लीनिक में हेयर ट्रीटमेंट का दावा किया जाता है। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक संचालक द्वारा दल को आवश्यक दस्तावेज नहीं दिखाई जा सके। दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने तक क्लिनिक संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।जांच में पाया गया कि तीन मंजिला इमारत में संचालित शुद्धि आयुर्वेदिक अस्पताल में ओपीडी ,आयुर्वैदिक फार्मेसी, आईपीडी एवं पंचकर्म कारणों का दावा किया जाता है।
अस्पताल संचालक ने निरीक्षण दल के समक्ष स्वीकार किया कि उनके द्वारा अस्पताल संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस नहीं है, न ही इस संबंध में आवेदन दिया गया है। अस्पताल में शुद्धि आयुर्वेद मार्केटेड बाय जीना सीखो लाइफ केयर लिमिटेड की दवाइयां पाई गईं , लेकिन प्रबन्धन ने औषधि विक्रय की अनुमतियां भी नहीं ली थीं। अस्पताल में फायर एन ओ भी नहीं मिली है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने कहा कि अस्पताल एवं क्लिनिक के पंजीयन, उपचार एवं चिकित्सक के बारे में जानकारी लेना मरीज का अधिकार है । निजी स्वास्थ्य संस्थाओं को भी सीएमएचओ कार्यालय द्वारा जारी लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन स्वास्थ्य संस्थानों के प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
