
इंदौर. देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राकेश सिंघई ने कहा है कि विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट रिकॉर्ड लगातार बेहतर हो रहा है और यह एक प्रतिष्ठित संस्थान के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है. उन्होंने बताया कि कोर्सेज की गुणवत्ता और छात्रों की बढ़ती संख्या इस प्रगति का संकेत है.
प्लेसमेंट को और बेहतर बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने नई पहल शुरू की है. इसके तहत एक विशेष टीम गठित की गई है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से संपर्क कर रही है. कुलगुरु स्वयं अपनी टीम के साथ टीसीएस, इंफोसिस, आयशर और वोल्वो जैसी कंपनियों का दौरा कर चुके हैं और वहां छात्रों के लिए अवसरों पर चर्चा की है. इस पहल को कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है.
कंपनियों से फीडबैक लेकर होगा सुधार
कुलगुरु ने बताया कि यह पहली बार है जब किसी विश्वविद्यालय के कुलगुरु स्वयं कंपनियों में जाकर फीडबैक ले रहे हैं. कंपनियों से मिले सुझावों को पढ़ाई और प्रशिक्षण में शामिल किया जाएगा, जिससे छात्रों की प्लेसमेंट संभावनाएं बढ़ेंगी.
पुणे दौरे में बड़ी कंपनियों से मुलाकात
प्रो. सिंह 6, 7 और 8 मई को पुणे दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे मास्टरकार्ड और बार्कले जैसी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे. साथ ही वहां कार्यरत डीएवीवी के एल्यूमिनी के साथ बैठक कर नेटवर्क मजबूत करेंगे, जिससे छात्रों को बेहतर अवसर मिल सकें.
कंपनियों तक खुद पहुंचेगा विश्वविद्यालय
कुलगुरु ने कहा कि यदि कंपनियां विश्वविद्यालय नहीं आ रही हैं, तो विश्वविद्यालय को खुद उनके पास जाने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि डीएवीवी में उच्च स्तरीय शोध, अनुभवी शिक्षक, शीर्ष वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन और आईआईटी के साथ सहयोग जैसी कई विशेषताएं हैं, लेकिन इसकी जानकारी कंपनियों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती.
छात्रों की कमियों पर फोकस
उन्होंने स्वीकार किया कि प्लेसमेंट में कुछ कमियां भी सामने आई हैं, जिन पर काम किया जा रहा है. इनमें प्रमुख हैं- अभिव्यक्ति (एक्सप्रेशन) की कमी,
अंग्रेजी भाषा में कमजोरी, एआई, एमएल और रोबोटिक्स का बेसिक ज्ञान कम होना. इन कमियों को दूर करने के लिए जल्द ही पाठ्यक्रम में नए विषय जोड़े जाएंगे और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
बेहतर सीटीसी दिलाना लक्ष्य
कुलगुरु ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल अधिक प्लेसमेंट दिलाना नहीं, बल्कि छात्रों को बेहतर वेतन पैकेज (सीटीसी) दिलाना भी है. इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
