
सीधी । जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सीधी की शाखा गांधी ग्राम में 124 ट्रैक्टर ऋण घोटाले की कलेक्टर के आदेश पर जांच टीम गठित हुई है। टीम गठित होने के बाद टै्रक्टर की जांच फिर शुरु हुई।
जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक सीधी की शाखा गांधीग्राम में 124 ट्रैक्टर ऋण घोटाले की जांच कलेक्टर विकास मिश्रा के आदेश पर फिर से शुरू हो गई है। जांच के लिए कलेक्टर द्वारा अपर कलेक्टर बीपी पाण्डेय को जांच टीम का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं जांच टीम के सदस्य में एसडीएम गोपदबनास राकेश शुक्ला, डीएसपी मुख्यालय अमन मिश्रा, गोपदबनास तहसीलदार राकेश शुक्ला, वरिष्ट सहकारी निरीक्षक मदन सिंह उइके एवं वरिष्ट सहकारी निरीक्षक एसपी पाण्डेवा शामिल हैं। अपर कलेक्टर द्वारा समिति के सदस्यों की बैठक विगत 24 अप्रैल 2026 को अपने कक्ष में लेते हुए निर्देशित किया गया था कि समयसीमा में 124 ट्रैक्टर प्रकरणों की जांच कर 8 मई 2026 तक कलेक्टर द्वारा चाहा गया है। उधर ट्रैक्टर घोटाले की फिर से जांच शुरू होते ही इसमें लिप्त लोगों में हडक़म्प मच गया है। दरअसल दो करोड़ से ऊपर का ट्रैक्टर घोटाला 3 वर्ष पूर्व सामने आने पर तत्कालीन कलेक्टर द्वारा 6 सदस्यीय टीम जांच के लिए गठित की गई थी। उस दौरान सात दिवस में जांच प्रतिवेदन देने के आदेश दिए गए थे। अपर कलेक्टर के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने उस दौरान भी सदस्य एसडीएम गोपदबनास, डीएसपी, तहसीलदार गोपदबनास, सहकारी निरीक्षक सहकारिता विभाग सीधी, वरिष्ट सहकारी निरीक्षक सहकारिता विभाग सीधी को शामिल किया गया था। टीम द्वारा अपनी जांच शुरू भी की गई लेकिन उसका जांच प्रतिवेदन सामने नहीं आया है। कारण टीम द्वारा जांच का दायरा ज्यादा बताते हुए इस पर अपनी जांच कागजों में ही जारी रखी गई जिसके चलते जांच प्रतिवेदन सामने नहीं आया बाद में उच्च स्तरीय दबावों के चलते इस घोटाले की फाइल को ठंडे बस्ते में कैद करा दिया गया।
अब कलेक्टर विकास मिश्रा की जानकारी में यह ट्रैक्टर घोटाला सामने आया तो उनके द्वारा फिर से जांच टीम अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कर 8 मई 2026 तक मांगा गया है। ट्रैक्टर घोटाले की राशि करीब दो करोड़ रुपए है और इस घोटाले में सहकारी बैंक के कई अधिकारियों एवं ट्रैक्टर एजेन्सी संचालकों की संलिप्तता होने के कारण फिर से चर्चा शुरू हो गई है कि यह जांच प्रतिवेदन समय पर आएगा कि फिर से इसे ठंडे बस्ते में डालने का सियासी दबाव बढ़ जाएगा।
पूर्व विधायक ने घोटाले को किया था उजागर
तत्कालीन सीधी विधायक केदारनाथ शुक्ला द्वारा केन्द्रीय सहकारी बैंक शाखा गांधीग्राम में हुए ट्रैक्टर ऋण घोटाले को उजागर किया गया था। उस दौरान आनन-फानन में 6 सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच शुरू की गई थी। ट्रैक्टर घोटाले के मामले में पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद नई टीम भी गठित की गई थी फिर भी कार्रवाई जिस तत्परता के साथ होनी चाहिए थी वह सामने नहीं आई। दरअसल इस घोटाले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। बैंक कर्मचारियों के साथ ही इसमें ट्रैक्टर एजेंसियों की संलिप्तता भी सामने आई थी। यह मामला राजधानी तक गूंजने और पूर्व विधायक की शिकायत पर मुख्यमंत्री द्वारा इस पर प्राथमिकता से जांच के निर्देश दिए गए थे।
इनका कहना है
124 ट्रैक्टर ऋण प्रकरण की जांच के लिए बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में यह सामने आया कि उक्त ऋण प्रकरण के अभी समूचे कागजात ही नहीं हैं। इस वजह से जांच की प्रक्रिया कितनी प्रभावित होती है इस पर अभी कुछ कह पाना संभव नहीं है।
बी.पी.पाण्डेय, अपर कलेक्टर सीधी
