बीरभूम | पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित होने के साथ ही बीरभूम जिले में ‘लाल मिट्टी’ की जमीन पर हिंसा का तांडव शुरू हो गया है। जिले की 11 विधानसभा सीटों में से 6 पर भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। बोलपुर में मतगणना केंद्र के पास स्थित तृणमूल कांग्रेस के कैंप ऑफिस में तोड़फोड़ की गई, वहीं किरनाहार में एक टीएमसी कार्यकर्ता की दुकान को आग के हवाले कर दिया गया। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अनुब्रत मंडल के आवास सहित संवेदनशील इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती कर दी है।
कभी वामपंथियों और फिर तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रहे बीरभूम में इस बार भाजपा ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। भाजपा ने सूरी, रामपुरहाट, मयूरेश्वर, दुबराजपुर, सैंथिया और लाभपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों पर बड़े अंतर से जीत दर्ज की है। टीएमसी केवल पांच सीटों तक सिमट कर रह गई है। इस हार से टीएमसी खेमे में खलबली मच गई है। दुबराजपुर से हारे हुए टीएमसी प्रत्याशी नरेश चंद्र बाउरी ने तो अपनी ही पार्टी के नेताओं पर भीतरघात कर हराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है, जबकि अन्य उम्मीदवारों ने विकास कार्यों के बावजूद मिली हार पर आत्ममंथन की बात कही है।
जिले के अलग-अलग हिस्सों जैसे लोबा और सूरी में भी टीएमसी के क्षेत्रीय कार्यालयों को निशाना बनाया गया है। तृणमूल नेताओं ने इन वारदातों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है, हालांकि भाजपा की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। हारने वाले टीएमसी प्रत्याशी अभिजीत सिन्हा ने हैरानी जताते हुए कहा कि व्यापक विकास कार्यों के बाद भी जनता का साथ न मिलना सोचनीय है। फिलहाल पुलिस प्रशासन उपद्रवियों की पहचान करने और जिले में शांति व्यवस्था बहाल करने की कोशिशों में जुटा है, लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

