जागरुकता के नाम पर एनजीओ के लोगों ने फैलाई अराजकता

सतना : सडक़ सुरक्षा, यातायात नियमों का पालन और जिम्मेदार ड्राइविंग से संबंधित जागरुकता अभियान चलाने का दावा करने वाले एक गैर सरकारी संगठन के लोगों ने स्थानीय सर्किट हाउस चौराहे पर जमकर अराजकता फैलाई. यातायात पुलिस की शह पर एनजीओ के दर्जन भर से अधिक लोगों ने वहां से गुजर रहे राहगीरों को दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा और जबरदस्ती उनका चालान कटवाया. यातायात पुलिस कर्मियों के बजाए एनजीओ के लोगों को अनाधिकृत तौर पर दखल देता देख कुछ आमजन न सिर्फ आक्रोशित हो गए बल्कि उनके द्वारा कड़ी आपत्ति जताई गई.

सोमवार की शाम लगभग 5 बजे यातायात थाने के उनि राम देवी राय के नेतृत्व में तकरीबन आधा दर्जन की संख्या में यातायात अमला शहर के सर्किट हाउस चौक पर पहुंच गया. जहां पर कथित तौर पर जीतांत फाउंडेशन नामक गैर सरकारी संगठन के दर्जन भर से अधिक लोग पहले से ही मौजद थे. स्वयं को उक्त एनजीओ के निदेशक बताने वाले सुजीत तिवारी और प्रशांत मिश्रा के साथ कुछ युवक और युवतियां भी उपस्थित थे. एनजीओ के युवक और युवतियों ने नारंगी रंग की रेडियम युक्त जैकेट भी पहनी हुई थी.

वहीं कुछ युवतियों ने अपने हाथ में थाली ली गई थी, जिसमें गुलाल रखा हुआ था. यहां तक तो सब ठीक था, लेकिन कुछ देर तक चले राय-मशविरा के बाद एनजीओ के लोग अचानक सक्रिय हो गए. और सर्किट हाउस चौक के चारों ओर फैल गए. जिसके बाद एनजीओ के लोगों ने वहां से होकर गुजरने वाले सभी दोपहिया वाहन चालकों को जबरदस्ती रोकना शुरु कर दिया. शुरुआती दौर में कुछ शरीफ किस्म के लोग रोके जाने पर रुक भी गए. पहले तो राहगीरों को यातायात जागरुकता का हवाला देकर रोका गया. लेकिन उनके रुकते ही उन्हें जबरदस्ती पकड़-पकड़ कर चौराहे के एक किनारे खड़े यातायात अमले के पास ले जाया जाने लगा.

जहां पर पहले से तैयार खड़े यातायात अमले ने सभी का चालान काटना शुरु कर दिया. इस दौरान दो पहिया वाहनों पर सवार होकर कई बुजुर्ग, महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी वहां से गुजरे. लेकिन एनजीओ के लोगों ने किसी के प्रति कोई नरमी नहीं दिखाई और सभी को जबरदस्ती रोकते हुए दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ा. इतना ही नहीं बल्कि कुछ लोगों के वाहन भी जबरदस्ती खीेंचने का प्रयास किया गया. वहीं यातायात अमला भी बिना किसी सुनवाई के लोगों का चालान काटने में व्यस्त बना रहा. कथित एनजीओ और यातायात पुलिस की मिली भगत से जारी इस चालान के खेल की वजह से सर्किट हाउस चौक क्षेत्र में घंटे भर से अधिक समय तक हंगामा मचा रहा.
महिलाओंं ने जताई कड़ी आपत्ति
कथित एनजीओ के लोगों द्वारा अनाधिकृत तौर पर लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पकडऩा और फिर जबरदस्ती उनका चालान कटवाना, देख वहां से गुजर रहीं कुछ महिला राहगीर भडक़ गईं. महिलाओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए पूछा कि एनजीओ को किसने आमजन के साथ जबरदस्ती करने का अधिकारी दे दिया. इतना नहीं बल्कि कुछ महिलाओं ने तो आक्रोशित होते हुए समूची कार्रवाई को ही यातायात अमले और एनजीओ की मिली भगत से अवैध वसूली करार दे दिया. महिलाओंं का कहना था कि जब स्मार्ट सिटी सतना में इंटीग्रेटेड कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर के जरिए यातायात की निगरानी और चालान की व्यवस्था सुचारू है तो फिर उसे छोडक़र यातायात अमले द्वारा कथित एनजीओ के गुर्गों के जरिए लोगों को प्रताडि़त करने की खुली छूट कैसे दे दी गई. जिसके चलते सर्किट हाउस चौक पर न सिर्फ काफी देर तक हंगामा होता रहा बल्कि यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती नजर आई.

किसकी अनुमति से मिला अधिकार
कथित तौर पर जीतांत फाउंडेशन द्वारा स्ट्रीट स्मार्ट इंडिया नामक यातायात जागरुकता अभियान चलाने का दावा किया जा रहा है. जिसक उद्देश्य प्रमुख चौराहों, स्कूल क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के साथ सीधा संवाद कर हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना बताया गया. लेकिन आखिरकार किसी अनुमति से उन्होंने पुलिस काम अपने हाथों में ले लिया. आखिरकार किसी अनुमति से एनजीओ के लोगों को राहगीरों को दौड़ा दौडा़ कर पकडऩे, उन्हें प्रताडि़त करने और सार्वजनिक स्थान पर अराजकता फैलाने का अधिकार मिला. तो क्या यह माना जाए कि यातायात जागरुकता के नाम पर यातायात थाने के अमले द्वारा उक्त एनजीओ का उपयोग खुलेआम वसूली करने के लिए किया गया.

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