नयी दिल्ली, 04 मई (वार्ता) पांच राज्यों में सात सीटों पर हुए उपचुनावों की सोमवार को हुई मतगणना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को चार सीटों पर और उसके सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकंपा) को एक सीट पर जीत मिली है, जबकि दो सीटों का उपचुनाव कांग्रेस के पक्ष गया है।
इन उपचुनावों में सबसे अधिक चर्चित सीट महाराष्ट्र के बारामती पर राज्य की उपमुख्यमंत्री और राकंपा उम्मीदवार श्रीमती सुनेत्रा पवार ने एकतरफा जीत दर्ज की है। श्रीमती पवार ने दो लाख, 18 हजार, 969 मत प्राप्त किये और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वि न्यू राष्ट्रीय समाज पार्टी के आर. वाई घुटुकड़े को दो लाख 18 हजार, 34 मतों से पराजित कर दिया। श्री घुटुकड़े को मात्र 985 मत प्राप्त हुए।
श्रीमती पवार ने इस जीत के साथ ही अपने दिवंगत पति अजीत पवार के 2019 के जीत के रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है। उल्लेखनीय है कि श्रीमती पवार के विरुद्ध खड़े हुए 22 उम्मीदवारों को कुल मिलाकर ‘नोटा’ से भी कम मत प्राप्त हुए। उल्लेखनीय है कि यह सीट 28 जनवरी को दुखद विमान हादसे में श्री पवार की मृत्यु के बाद खाली हो गया था।
महाराष्ट्र के अन्य सीट राहुरी से भाजपा के अक्षय कार्डिले ने एक लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीत हासिल की है। श्री कार्डिले को 1 लाख 40 हजार 93 मत मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राकांपा (शरद पवार) के उम्मीदवार को 27 हजार, 506 मत। गौरतलब है कि यह सीट भाजपा विधायक शिवाजी कार्डिले के निधन के बाद खाली हो गया था, जिसके बाद भाजपा ने उनके बेटे अक्षय कार्डिले को उम्मीदवार बनाया था।
गुजरात के उमरेठ सीट से भाजपा के हर्षदभाई गोविंदभाई ने 30 हजार से अधिक मतों से कांग्रेस के भृगुराज सिंह चौहान को पराजित कर दिया है। श्री गोविंद भाई को कुल 85500 मत मिले जबकि, श्री चौहान को 54757 मत।
नागालैंड के कोरिदांग सीट से भाजपा के दाओचिर आई इम्चेन ने निर्दलीय उम्मीदवार तोशिकाबा को तीन हजार से अधिक मतों से हरा कर जीत दर्ज कर ली है। श्री इम्चेन ने 7,317 मत प्राप्त किए, जबकि श्री तोशिकाबा को 4,194 मत।
त्रिपुरा के धर्मनगर सीट से भाजपा के जहर चक्रवर्ती ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के उम्मीदवार अमिताभ दत्ता को 18290 मतों के अंतर से हरा कर जीत दर्ज कर ली है। श्री चक्रवर्ती को 24, 291 मत मिले, जबकि श्री दत्ता को 6,001 मत। इसके साथ ही त्रिपुरा विधानसभा में भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर 33 हो गयी है।
कर्नाटक के दोनों सीटों पर भाजपा को हराकर सत्तारूढ़ कांग्रेस ने जीत दर्ज कर ली है। बागलकोट में, कांग्रेस के उम्मीदवार एवं राजनीति में नए उमेश मेती ने भाजपा के दिग्गज नेता और तीन बार के विधायक वीरभद्रय्या चरंतिमठ को करारी शिकस्त दी और अपने पिता की सीट को 21,866 वोटों के भारी अंतर से बरकरार रखा।
मतगणना के सभी 23 दौरों की गिनती के बाद घोषित आधिकारिक परिणामों के अनुसार, श्री मेती को 97 हजार, 941 मत मिले, जबकि चरंतिमठ को 76 हजार, 075 मत प्राप्त हुए। इस जीत के अंतर को हाल के दशकों में इस निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज की गई सबसे बड़ी जीत माना जा रहा है। गौरतलब है कि यह सीट कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एच.वाई. मेती के मृत्यु के बाद खाली हो गया था।
दावणगेरे दक्षिण में, कांग्रेस उम्मीदवार समर्थ शमनूर मल्लिकार्जुन ने शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद उल्लेखनीय वापसी करते हुए भाजपा उम्मीदवार श्रीनिवास दासकारियप्पा को 5,708 वोटों से हरा दिया। श्री मल्लिकार्जुन को 69 हजार, 578 मत मिले, जबकि श्री दासकरियप्पा को 63870 मत। गौरतलब है कि यह सीट वरिष्ठ कांग्रेस नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के कारण खाली हो गया था।