
इंदौर । इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमिपूजन कार्यक्रम से ठीक पहले एक बड़ा हादसा टल गया। कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया मुख्य प्रवेश द्वार तेज हवा के कारण अचानक गिर गया। राहत की बात यह रही कि उस समय वहां भीड़ नहीं थी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पहुंचने से पहले ही यह घटना हो गई, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले पुलिस व्यवस्था के चलते उस स्थान पर लोगों की संख्या सीमित थी। इसी वजह से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, गेट गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
गिरे हुए गेट को दोबारा खड़ा करने के लिए मौके पर मौजूद लोगों ने काफी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद क्रेन की मदद से भी गेट को लगाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह भी असफल रहा। अंततः गेट के हिस्सों को हटाकर रास्ता साफ किया गया।
इस पूरी प्रक्रिया में करीब आधा घंटा लग गया।
गनीमत रही कि इस दौरान मुख्यमंत्री का काफिला वहां नहीं पहुंचा था। थोड़ी देर बाद डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और निर्धारित कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इस घटना के बाद कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। तेज हवा में इस तरह का ढांचा गिरना कहीं न कहीं लापरवाही की ओर इशारा करता है। हालांकि, यह लापरवाही किस स्तर पर हुई, यह जांच का विषय है।
