इस्लामाबाद 03 अप्रैल (वार्ता) राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा करने और उसे आगे बढ़ाने के सरकार के संकल्प को दोहराया है। गौरतलब है कि हर साल तीन मई को मनाये जाने वाले विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के इस साल का विषय “शांतिपूर्ण भविष्य का निर्माण” है। द पाकिस्तान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार श्री जरदारी और श्री शरीफ ने रविवार को लोकतंत्र, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और मीडिया की स्वतंत्रता के लिए अनुकूल माहौल बनाने में जिम्मेदार पत्रकारिता, सच्चाई और विश्वसनीय जानकारी की भूमिका पर जोर दिया। श्री जरदारी ने अपने संदेश में दुनिया भर के मीडिया कर्मियों को बधाई दी और प्रेस की स्वतंत्रता के लिए बढ़ते वैश्विक खतरों के प्रति आगाह किया, जिनमें गलत जानकारी, भ्रामक जानकारी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का दुरुपयोग, एल्गोरिथम में हेरफेर, और शक्तिशाली टेक प्लेटफॉर्म तथा सोशल मीडिया कंपनियों का दबाव शामिल है।
उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतें सार्वजनिक विमर्श को विकृत कर सकती हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकती हैं। उन्होंने अनुच्छेद 19 और 19-ए के तहत संवैधानिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि जवाबदेही, पारदर्शिता और लोकतंत्र के लिए एक स्वतंत्र प्रेस अनिवार्य है। उन्होंने कहा, “साथ ही, स्वतंत्रता अपने साथ जिम्मेदारी भी लाती है। गति के लिए सत्यता की बलि नहीं दी जानी चाहिए और संतुलन की जगह पक्षपात को नहीं लेने देना चाहिए। जनता का विश्वास अर्जित किया जाना चाहिए, उसकी रक्षा की जानी चाहिए और उसे कभी भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, जो स्वतंत्र प्रेस की सबसे मूल्यवान संपत्ति है।”
वहीं श्री शरीफ ने कहा कि एक जागरूक समाज के निर्माण में पत्रकारिता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि प्रामाणिक, निष्पक्ष और सत्यापित रिपोर्टिंग ही पत्रकारिता की नींव है, और साथ ही मीडिया पेशेवरों से आग्रह किया कि वे दुष्प्रचार, फर्जी खबरों और असत्यापित सामग्री के प्रसार को रोकें। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार पत्रकारिता, जागरूक जनमत का निर्माण करके और अंतरराष्ट्रीय समझ को मजबूत करके शांति स्थापना में योगदान देती है। उन्होंने कहा कि मीडिया अंतरराष्ट्रीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने में एक रचनात्मक भूमिका निभा सकता है।
पत्रकारों को काम करने की आजादी देने के मामले में पाकिस्तान ने अपनी स्थिति पर सुधार की है और पांच पायदान ऊपर चढ़कर 153 वें स्थान पर पहुंच गया है।
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की ओर से प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक के लिए जारी वार्षिक रिपोर्ट में पाकिस्तान 180 देशों में चार पायदान ऊपर चढ़कर 153वें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले साल यह 157वें स्थान पर था। इस तरह से पाकिस्तान में अपनी स्थिति में पांच पायदान का सुधार किया है। वहीं भारत पिछले साल के मुकालबे छह पायदान नीचे खिसक कर 157वें स्थान पर पहुंच गया है। गत वर्ष भारत इस सूची में 151वें स्थान पर था। पत्रकारों को काम करने की आजादी देने के मामले में फ़िलिस्तीन की स्थिति भी भारत से अच्छी है। पत्रकारों की बदतर स्थिति के मामले में भारत के बाद वेनेज़ुएला, सूडान, अफ़ग़ानिस्तान, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान जैसे देश हैं। आरएसएफ की सूची में गत 10 वर्षों से नॉर्वे लगातार शीर्ष पायदान पर बना हुआ है।

