
भोपाल। मध्य प्रदेश में बच्चों से जुड़े लगातार सामने आ रहे चिंताजनक मामलों को लेकर विपक्ष ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया कि ये घटनाएं किसी एक स्थान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि असंवेदनशील शासन, प्रशासनिक उदासीनता और गहराते भ्रष्टाचार का परिणाम हैं।
कांग्रेस नेताओं के अनुसार श्योपुर जिले में बच्चों को रद्दी अखबार के पन्नों पर भोजन परोसे जाने की घटना सामने आई। वहीं विदिशा में एक मासूम बच्ची को सड़क किनारे कचरे के ढेर से भोजन बीनते देखा गया। हाल ही में मैहर में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर बच्चों को फटी हुई कॉपी के पन्नों में मध्यान्ह भोजन परोसे जाने का मामला भी उजागर हुआ।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि ये घटनाएं केवल तस्वीरें नहीं हैं, बल्कि प्रदेश में शासन व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं के पतन का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि यह बच्चों के साथ-साथ शिक्षा, संविधान और विद्या की गरिमा का भी अपमान है।
पटवारी ने बताया कि स्थिति इसलिए और गंभीर है क्योंकि मध्य प्रदेश कुपोषण के मामले में देश में दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में करीब 10 लाख बच्चे कुपोषित हैं, जिनमें लगभग 1.36 लाख गंभीर कुपोषण से पीड़ित हैं। उन्होंने केंद्रीय सरकारी आंकड़ों और सीएजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए पोषण योजनाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि बढ़ते कर्ज के बावजूद राज्य सरकार बच्चों के स्वास्थ्य, सम्मान और भविष्य की रक्षा करने में विफल रही है और उसे इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।