
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव परिणामों के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी जनादेश से नहीं, बल्कि साजिश के तहत चुनाव हारी है, इसलिए वे राजभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को असली विलेन बताते हुए दावा किया कि आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर करीब 100 सीटें प्रभावित कीं। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कोई पद नहीं है, लेकिन वे आज़ाद पंछी हैं और कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मतगणना प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उनका आरोप है कि मतगणना केंद्र के भीतर उनके साथ मारपीट की गई, पेट और पीठ पर लात मारी गई तथा अपशब्द कहे गए। उन्होंने कहा कि वे तब तक वहीं बैठी रहीं जब तक स्थिति सामान्य नहीं हुई, लेकिन बाद में उन्हें जबरन बाहर निकाल दिया गया। ममता बनर्जी ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो अन्य उम्मीदवारों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने दोहराया कि 2026 का चुनाव निष्पक्ष नहीं था और व्यापक अनियमितताओं के चलते परिणाम प्रभावित हुए हैं।
