भोपाल: भोपाल नवाब की संपत्तियों की जांच और स्वामित्व, मर्जर, जैसे मामलों को लेकर प्रशासन ने शत्रु सम्पत्ति समिति का गठन किया था. जिसकी बैठक अप्रैल माह में की गई थी. उस बैठक में नवाब परिवार से संपत्तियों के अधिकार संबंधित किसी भी प्रकार के दस्तावेज नहीं मांगे गये. इसको लेकर समाजसेवी अमिताभ अग्रिहोत्री ने नवाब परिवार की संपत्ति का बचाव करने का आरोप लगाया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शत्रु सम्पत्ति समिति की बैठक में लिये गये निर्णयों से मुझे ज्ञात हुआ कि शत्रु सम्पत्ति समिति ने नवाब परिवार से उन महत्वपूर्ण दस्तावेजों की माँग नहीं की, जो शत्रु सम्पत्ति की जाँच के लिए आवश्यक थे.
भोपाल नवाब परिवार से इन दस्तावेजों की माँग के लिए शत्रु सम्पत्ति समिति को 18 फरवरी एवं 23 मार्च 2026 को ज्ञापन भी दिये थे, परन्तु शत्रु सम्पत्ति समिति ने हमारे इन ज्ञापनों पर कोई कार्यवाही नहीं की. उसके पश्चात् 20 अप्रैल 2026 को कलेक्टर को शिकायती पत्र सौंपा गया एवं इस विषय पर विस्तार में चर्चा की.समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री का भोपाल जिले की शत्रु सम्पत्ति समिति पर आरोप-भोपाल रियासत की संभावित खरबों रूपये की शत्रु सम्पत्ति घोटाले के तथ्यों पर लीपापोती की जा रही है. यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है.
क्योंकि चार अप्रैल को कलेक्टर कार्यालय में शत्रु सम्पत्ति की बैठक हुई थी जिसमें भारत शासन के तत्कालीन अधिकारी वी.पी. मेनन द्वारा दिनांक 29 अप्रैल 1949 को नवाब परिवार की अचल सम्पत्तियों के हस्ताक्षरित नक्शे की मूल प्रति भोपाल नवाब से नहीं मांगी गई. भोपाल नवाब द्वारा भारत शासन को 1 जून, 1949 को सत्ता हस्तांतरण के पूर्व चल-अचल सम्पत्तियों की भारत शासन को सौंपी गई सूची एवं भारत सरकार की सहमति की मूल प्रति की नवाब परिवार नहीं मांगी गई. भारत शासन के शत्रु सम्पत्ति अभिरक्षक का कार्यालय, मुम्बई द्वारा कलेक्टर भोपाल को 21 दिसम्बर, 2021 को लिखे पत्र की एनेक्सचर-ए में भोपाल नवाब की समस्त चल-अचल सम्पत्ति को शत्रु सम्पत्ति घोषित किया है. जिसको कस्टोडियन एनीमी प्रॉपर्टी ऑफ इण्डिया दर्ज किया जाना चाहिए जिसके लिए शत्रु सम्पत्ति की बैठक में कोई मार्गदर्शन नहीं किया गया. जबकि एनेक्सचर
-बी की सूची में उल्लेखित प्रॉपर्टी की जाँच जारी है. इस सभी संपत्तियों की बिना कस्टोडियन विभाग की अनुमति के खरीदी, बेची, परमिशन पर रोक लगाई जाना चाहिए थी. इस मामले को लेकर प्रमुख सचिव राजस्व म.प्र. शासन, उपसचिव राजस्व म.प्र. शासन, अवर सचिव राजस्व म.प्र. शासन, कस्टोडियन अधिकारी मुम्बई, कस्टोडियन अधिकारी नई दिल्ली, कलेक्टर, एसडीएम, अध्यक्ष शत्रु सम्पत्ति कमेटी, समन्वयक शत्रु सम्पत्ति कमेटी के कार्यालय को पत्र सौंपे जा चुके हैं.
शत्रु संपत्ति जांच कमेटी की बैठक में लिए थे निर्णय
भोपाल जिला की शत्रु सम्पत्तियों की जाँच 4 फरवरी 2026 को कलेक्टर कार्यालय में हुई बैठक में लिये गये निर्णय लिया गया कि प्राप्त शिकायतों के निराकरण करने अभिरक्षक गृह मंत्रालय, भारत सरकार को शत्रु संपत्ति की जानकारी के लिये पत्र लिखा जाए. वहीं जिले के सभी तहसीलदारों को भी पत्र लिखते हुए वर्तमान एवं बंदोबस्त रिकार्ड में दर्ज शत्रु संपत्ति है, एवं वर्ष 1949 में नवाब एवं उनके परिवारों के नाम थी, उसकी जानकारी लेने के लिए निर्णय लिया गया. 3. समिति ने अपर प्रमुख सचिव से शत्रु संपत्ति/मर्जर संपत्ति/निष्क्रांत संपत्ति पर जानकारी भेजने के लिए कहा है.
