
खंडवा। बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने प्रदेशभर में जल पर्यटन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी के चलते खंडवा जिले के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और हनुमंत्या टापू पर प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं को और सख्त कर दिया है।
ये दोनों स्थल न केवल धार्मिक आस्था के केंद्र हैं, बल्कि जल पर्यटन के बड़े हब भी हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों पर्यटक और श्रद्धालु पहुंचते हैं। नर्मदा नदी के घाटों पर बोटिंग, क्रूज और विभिन्न वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियां संचालित होती हैं। ऐसे में हादसे के बाद यहां सुरक्षा मानकों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
जिला प्रशासन, होमगार्ड और एसडीईआरएफ की संयुक्त टीम लगातार घाटों पर निगरानी कर रही है। जिला कमांडेंट आशीष कुशवाह के नेतृत्व में टीम नावों की फिटनेस, लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कर रही है। खासतौर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर यात्री और नाविक लाइफ जैकेट अवश्य पहने। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना लाइफ जैकेट सवारी, ओवरलोडिंग या अवैध संचालन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई होगी।
आंकड़ों के अनुसार, पिछले 9 महीनों में ओंकारेश्वर क्षेत्र में करीब 45 छोटे-बड़े हादसे दर्ज हुए हैं, जिनमें से 39 लोगों को समय रहते बचा लिया गया। यह बचाव दल की तत्परता और सतर्कता का परिणाम माना जा रहा है।
इसके अलावा प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि केवल लाइसेंसधारी नाविक ही नाव संचालन करें। 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों द्वारा नाव चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। नावों की समय-समय पर तकनीकी जांच और क्षमता के अनुसार ही सवारियां बैठाने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बरगी जैसी घटना की पुनरावृत्ति रोकना प्राथमिकता है। इसलिए सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लगातार मॉनिटरिंग और सख्ती के जरिए पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
