जबलपुर: खुद को पुलिसकर्मी बताने वाले एक जालसाज ने बड़ी चालाकी से एक ड्राइवर की मेहनत की कमाई इनोवा कार पार कर दी। आरोपी ने पहले किराये पर गाड़ी लगवाने का लालच दिया और फिर खुद ही ड्राइवर भेजकर गाड़ी मंगवाई और चंपत हो गया। माढोताल पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस ने बताया कि राजेंद्र वंशकार (46) निवासी ग्राम सुंदरपुर खमरिया पेशे से ड्राइवर हैं, उन्होंने मई 2025 में सिल्वर रंग की इनोवा कार क्रमांक एमपी 34 सी ए1477 सेकंड हैंड खरीदकर बैंक से फाइनेंस कराई थी। अप्रैल 2026 के पहले हफ्ते में जब राजेंद्र का रिश्तेदार राजू बंसकार माल की डिलीवरी कर रीवा से लौट रहा था।
रास्ते में झुकेही कटनी से एक अज्ञात व्यक्ति राजू की गाड़ी में बैठ गया। उस व्यक्ति ने खुद को पुलिस वाला बताया और झांसा दिया कि वह राजेंद्र की कार को अच्छे किराये पर लगवा देगा। 10 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे आरोपी ने राजेंद्र को फोन किया और गाड़ी की मांग की। जब राजेंद्र ने कहा कि उसके पास फिलहाल ड्राइवर नहीं है, तो शातिर ठग ने कहा चिंता मत करो, ड्राइवर मैं भेज देता हूँ। आरोपी ने अक्षय बर्मन नाम के ड्राइवर से राजेंद्र की बात कराई। राजेंद्र ने पनागर स्थित पेट्रोल पंप पर खड़ी अपनी कार अक्षय बर्मन को सौंप दी।
आरोपी ने अक्षय को कटंगी बायपास स्थित शराब दुकान के सामने बुलाया और 11 अप्रैल की रात करीब 12:10 बजे गाड़ी लेकर चला गया। उसने ड्राइवर अक्षय को अगले दिन सुबह 7 बजे ऑफिस आकर गाड़ी का वेरिफिकेशन कराने को कहा।अगले दिन जब ड्राइवर अक्षय ने उस कथित पुलिस वाले को फोन लगाया, तो उसने पहले उसे 10:30 बजे ऑफिस आने को कहा। लेकिन उसके बाद से ही उस व्यक्ति का मोबाइल नंबर बंद आने लगा। काफी समय तक संपर्क न होने और नंबर लगातार बंद रहने पर राजेंद्र को समझ आया कि वह ठग का शिकार हो चुका है अब पीड़ित ने थाने में मामला दर्ज कराया है।
