
इंदौर/धार. इंदौर अहमदाबाद हाईवे पर तिरला क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में 16 लोगों की मौत के बाद गांवों में शोक की लहर है. नयापुरा में एक ही परिवार के 8 लोगों की अर्थियां एक साथ उठीं, जबकि अन्य मृतकों का अंतिम संस्कार अलग अलग गांवों में किया.
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और हादसे के कारणों की जांच शुरू की गई. अंतिम संस्कार में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री भी पहुंचीं और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी.
गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांवों में पहुंचे तो हर तरफ मातम पसरा था. नयापुरा में रहने वाले डाबर परिवार के 8 सदस्यों की अर्थियां एक साथ उठीं और उन्हें एक ही चिता पर अंतिम विदाई दी गई, जबकि एक अन्य सदस्य ने इंदौर में इलाज के दौरान दम तोड़ा. सेमलीपुरा में एक ही परिवार की चार महिलाओं मां, बहन, बेटी और भाभी का एक साथ अंतिम संस्कार हुआ. रामपुरा में भी दो मृतकों को अंतिम विदाई दी गई. यह मंजर देखकर पूरा क्षेत्र शोक में डूब गया.
मौके का निरीक्षण करने पहुंचे डीआईजी ग्रामीण मनोज कुमार सिंह ने प्रारंभिक जांच में ओवरस्पीडिंग के साथ सड़क इंजीनियरिंग की खामियां और नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही की बात कही. मौके पर न साइन बोर्ड थे, न ही चेतावनी संकेत. अधिकारियों ने संबंधित विभाग को सुधार के निर्देश देने की बात कही है. अंतिम संस्कार के दौरान केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर भी नयापुरा, सेमलीपुरा और रामपुरा पहुंचीं. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर श्रद्धांजलि दी और हालात पर चिंता जताई. हादसे में घायल अन्य मजदूरों का इलाज धार और इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में किया जा रहा है. जबकि कई घायलों को अभी तक अपने परिजनों की मौत की जानकारी दी गई है. यहां के जिला अस्पताल में 9, विनायक अस्पताल में 3, महाजन अस्पताल में 4 और इंदौर के एक निजी अस्पताल में एक गंभीर घायल का उपचार अब भी चल रहा है.
घटना के बाद सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक भी हुई, जिसमें डीआईजी मनोज कुमार सिंह, एसपी मयंक अवस्थी और प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
उधर, कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने और ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है.
ज्ञात हो कि बुधवार रात चिकल्यान फाटे के पास तेज रफ्तार पिकअप का टायर फटने से वह स्कॉर्पियो से टकरा गई थी, से कुल 16 लोगों की मौत हो गई .टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप में सवार मजदूर सड़क पर जा गिरे. वाहन में 44 मजदूर सवार थे, जो ग्राम लेबड़ से मजदूरी कर लौट रहे थे. हादसे में नयापुरा के 9, सेमलीपुरा के 5 और रामपुरा के 2 लोगों की मौत हुई.
