
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में छिंदवाड़ा के बहुचर्चित सिरप कांड की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराये जाने को लेकर याचिका दायर की गई है। जस्टिस बीपी शर्मा की एकलपीठ ने सरकार को जवाब पेश करने के निर्देश देते हुए मामले में लिप्त आरोपी डॉ प्रवीण सोनी, ज्योति सोनी व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जबलपुर निवासी अधिवक्ता अश्मिता चंद ने याचिका दायर कर पुलिस एवं प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर लापरवाही और मामले को कमजोर करने के आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता केके पांडेय एवं सिद्धार्थ एस पांडेय ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप के सेवन से लगभग 26 मासूम बच्चों की दर्दनाक मृत्यु हो गईए जबकि कई अन्य बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य हानि एवं स्थायी अंग क्षति का सामना करना पड़ा। इतनी बड़ी घटना के बावजूद पुलिस ने केवल सामान्य एवं जमानती धाराओं में अपराध दर्ज कर मामले की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया है। याचिका में यह भी कहा गया है कि संबंधित दवा के निर्माण वितरण और बिक्री में शामिल व्यक्तियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू नहीं किये गये है। सुनवाई पश्चात न्यायालय ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
