
भोपाल। मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए हजारों अस्थायी, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों ने नीलम पार्क में एकजुट होकर नौकरी में सुरक्षा और 26,000 रुपये मासिक न्यूनतम वेतन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह आंदोलन प्रदेश अध्यक्ष वासुदेव शर्मा के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें ग्राम चौकीदार, पंप ऑपरेटर, स्कूल व छात्रावासों के अंशकालीन कर्मचारी, लोकल यूथ सर्वेयर और आउटसोर्स कर्मियों ने भाग लिया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा घोषित 12,425 से 16,769 रुपये के न्यूनतम वेतन के बावजूद अधिकांश कर्मचारियों को मात्र 3,000 से 5,000 रुपये ही मिल रहे हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और राजस्व विभागों में लंबे समय तक काम करने के बावजूद कम वेतन मिलने की विसंगतियों को उजागर किया।
सभा को संबोधित करते हुए वासुदेव शर्मा ने संविदा व्यवस्था की आलोचना करते हुए इसे कर्मचारियों के साथ अन्याय बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा। नेताओं ने 6 जुलाई को जबलपुर हाईकोर्ट पहुंचकर नियमितीकरण और न्यूनतम वेतन लागू कराने की गुहार लगाने की घोषणा की।
प्रशासनिक प्रतिबंधों के चलते भाजपा कार्यालय के बजाय यह प्रदर्शन नीलम पार्क में आयोजित किया गया।
