
इटारसी। शिक्षा के मंदिर में जब अचानक काल का साया मंडराने लगे, तो दहशत लाजिमी है। पवारखेड़ा स्थित पीएमश्री स्कूल जवाहर नवोदय विद्यालय में पिछले तीन दिनों से स्टाफ एक अनजाने डर के साये में काम कर रहा था। ऑफिस में एक विशालकाय सांप बार-बार दिखाई देता और पलक झपकते ही ओझल हो जाता।
सीसीटीवी की नजर और सर्पमित्र का मिशन
29 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे, जब सब्र का बांध टूट गया, तब विद्यालय के रशीद सिद्दीकी ने तत्काल इसकी सूचना सर्पमित्र ऋषभ पटेल को दी। मामला संवेदनशील था, इसलिए वनपरिक्षेत्र अधिकारी अभिषेक शर्मा के निर्देशन और वन्य जीव अभिरक्षक अभिजीत यादव के मार्गदर्शन में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ। सांप इतना शातिर था कि तीन दिनों से स्टाफ उसे ढूंढ नहीं पा रहा था। अंत में तकनीक का सहारा लिया गया। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, तो उसकी लोकेशन ऑफिस के रैक के पास मिली।
फाइलों के ढेर से निकला घोड़ा पछाड़
जब सर्पमित्र ऋषभ पटेल ने ऑफिस के रैक में रखी पुरानी फाइलों को धीरे से हटाया, तो वहां मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। सरकारी दस्तावेजों और फाइलों के बीच 6 फीट लंबा एक विशालकाय सांप कुंडली मारकर बैठा था। यह इंडियन रैट स्नेक था, जिसे स्थानीय भाषा में घोड़ा पछाड़ कहा जाता है। हालांकि यह सांप बिना जहर वाला होता है, लेकिन इसकी लंबाई और फुर्ती किसी को भी डराने के लिए काफी थी।
सुरक्षित रेस्क्यू और राहत की सांस
करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ऋषभ पटेल ने इस 6 फीट लंबे शिकारी को सुरक्षित तरीके से काबू में किया। सांप के पकड़े जाते ही स्कूल स्टाफ ने राहत की सांस ली। वन्य जीव अभिरक्षक अभिजीत यादव ने बताया कि रेस्क्यू के बाद सांप को मानवीय बस्ती से दूर वनपरिक्षेत्र के सुरक्षित प्राकृतिक आवास में रिलीज कर दिया गया है।
वन्य जीव अभिरक्षक अभिजीत यादव ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में रेंगने वाले जीव ठंडी जगहों की तलाश में घरों या ऑफिसों में घुस जाते हैं। इन्हें मारें नहीं, बल्कि तत्काल विशेषज्ञ या वन विभाग को सूचना दें।
