पुणे | महाराष्ट्र के पुणे स्थित कोंढवा क्षेत्र में बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात एक बंद पड़े वाटर प्यूरिफिकेशन प्लांट में क्लोरीन गैस के रिसाव से दहशत फैल गई। गंगाधाम इलाके में ऐमाता मंदिर के पास स्थित इस गोदाम में रखे एक पुराने टैंक से रात करीब 1 बजे अचानक गैस लीक होने लगी। देखते ही देखते जहरीली गैस आसपास की बस्तियों में फैल गई, जिससे लोगों को सांस लेने में भारी तकलीफ और आंखों में जलन महसूस होने लगी। सूचना मिलते ही मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र पोटफोडे के नेतृत्व में 30 से अधिक दमकलकर्मियों की टीम आधुनिक उपकरणों के साथ मौके पर पहुँची और राहत कार्य शुरू किया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और बचाव कार्य
गैस रिसाव की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने चार फायर टेंडर और ब्रीदिंग अपैरेटस (BA) सेट वाली गाड़ियों को तैनात किया। ऑपरेशन के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने इलाके को खाली कराया और सेफ्टी किट का उपयोग करते हुए लीक हो रहे टैंक को सफलतापूर्वक सील किया। इस चुनौतीपूर्ण कार्य के दौरान गैस के संपर्क में आने से 22 स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ एक दमकल अधिकारी और एक कर्मचारी की तबीयत बिगड़ गई। सभी प्रभावितों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया।
अस्पताल में भर्ती और वर्तमान स्थिति
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कुल 24 प्रभावित लोगों को पुणे के ससून जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि सभी नागरिक और दोनों दमकल कर्मी अब खतरे से बाहर हैं, लेकिन उन्हें एहतियात के तौर पर डॉक्टरों की निगरानी (ऑब्जर्वेशन) में रखा गया है। इलाके में अब गैस का प्रभाव पूरी तरह समाप्त हो चुका है और प्रशासन ने लोगों से पैनिक न होने की अपील की है। फिलहाल, पुलिस और नगर निगम की टीमें इस बात की जांच कर रही हैं कि बंद पड़े प्लांट के टैंक से गैस का रिसाव किन कारणों से हुआ।

