इस्लामाबाद, 28 अप्रैल (वार्ता) पाकिस्तान सेना के नवनिर्मित ‘आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड’ ने मंगलवार को देश में ही विकसित ‘फतह-दो’ मिसाइल प्रणाली का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया।
सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फतह-दो” उन्नत एवियोनिक्स और अत्याधुनिक नेविगेशन सहायता” से लैस है। बयान में आगे कहा गया कि इस प्रशिक्षण प्रक्षेपण का उद्देश्य सैनिकों को प्रशिक्षित करना, तकनीकी मापदंडों की पुष्टि करना और “बेहतर सटीकता एवं बढ़ी हुई उत्तरजीविता” के लिए शामिल किये गये विभिन्न उप-प्रणालियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करना था।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, आईएसपीआर ने बताया कि इस प्रक्षेपण के दौरान स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन (एसपीडी), आर्मी रॉकेट फोर्स कमांड और पाकिस्तान सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ ‘रणनीतिक संगठनों’ के वैज्ञानिक और इंजीनियर भी मौजूद थे। बयान में कहा गया, “फोरम ने स्वदेशी रूप से विकसित फतह शृंखला की मिसाइल के सफल प्रशिक्षण परीक्षण की सराहना की।”
आईएसपीआर के अनुसार, राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तान थल सेनाध्यक्ष एवं रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ-साथ अन्य सेवाओं के प्रमुखों ने मिसाइल प्रणाली से जुड़ी टीम की उनके ‘तकनीकी कौशल, समर्पण और प्रतिबद्धता’ के लिए प्रशंसा की।
सितंबर 2025 में, पाकिस्तान सेना ने 750 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली क्रूज मिसाइल ‘फतह-4’ का सफल प्रशिक्षण प्रक्षेपण किया था।
पिछले साल मई में भारत के साथ सीमित युद्ध से कुछ ही दिन पहले सेना ने 120 किलोमीटर की रेंज वाली फतह शृंखला की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया था। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ हवाई अड्डों, रसद केंद्रों, संचार केंद्रों और परिवहन आदि को निशाना बनाने के लिए अपनी फतह-एक, फतह-दो और अब्दाली शृंखला की मिसाइलों का इस्तेमाल किया था, लेकिन उन सभी को भारतीय एस-400, आकाश सैम, बराक-8 और ‘आकाशतीर’ रक्षा प्रणालियों ने सफलतापूर्वक बीच में ही रोक दिया था।
पिछले महीने के दौरान, पाकिस्तान नौसेना ने भी सफल मिसाइल परीक्षण किये हैं, जिनमें स्वदेशी रूप से विकसित ‘तैमूर’ एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल और एक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल शामिल है।