देहरादून, 28 अप्रैल (वार्ता) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल को युगांतरकारी बताते हुए कहा कि विपक्ष को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए और न ही भ्रम फैलाना चाहिए।
श्री धामी ने उत्तराखंड विधानसभा में ‘नारी सम्मान- लोकतंत्र में अधिकार’ विषय पर चर्चा के लिए मंगलवार को आयोजित एक दिन के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को शीघ्र लागू करने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों का समर्थन करते हुए सदन में सर्वसम्मत संकल्प का प्रस्ताव रखा और कहा कि महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस विषय पर भ्रम फैला रहा है, जबकि केंद्र सरकार महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
श्री धामी ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न योजनाएं संचालित की हैं, जिनसे शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक सशक्तिकरण में सुधार हुआ है। उन्होंने तीन तलाक के खिलाफ कानून को भी मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा की दिशा में अहम कदम बताया और कहा कि उनकी सरकार भी महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है तथा सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में विपक्ष के सदस्यों से इस विषय पर सकारात्मक रुख अपनाने की अपील की और विश्वास जताया कि महिलाओं को उनका पूरा अधिकार दिलाने का संकल्प अवश्य पूरा होगा।
