ग्वालियर: जिले के ग्राम सोजना के किसान अर्जुन कुशवाह ने पारंपरिक फसलों की जगह ब्रोकली (विदेशी गोभी) की खेती अपनाकर अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है और वे दूसरे किसानों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं।अर्जुन कुशवाह पहले गेहूँ, सरसों और उड़द जैसी पारंपरिक फसलें उगाते थे। बढ़ती लागत और सीमित लाभ के कारण आर्थिक चुनौतियाँ बनी रहती थीं। इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के संपर्क में आने पर उन्हें ब्रोकली जैसी नकदी फसल उगाने की सलाह मिली।
विभागीय मार्गदर्शन, सरकार की किसान हितैषी योजनाओं का सहारा और अपनी मेहनत से उन्होंने नई खेती की शुरुआत की। अर्जुन ने उद्यानिकी विभाग से मिली सलाह से अपनी एक एकड़ भूमि पर ड्रिप सिंचाई और प्लास्टिक मल्चिंग तकनीक अपनाई। इस तकनीक से पानी की बचत हुई, उर्वरकों का बेहतर उपयोग हुआ और फसल की गुणवत्ता में सुधार आया। इसका सीधा लाभ उत्पादन और आय में मिला। ब्रोकली की खेती से अर्जुन को लगभग 2 से 2.50 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई। सभी खर्च निकालने के बाद उन्हें 1.50 से 1.75 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। यह पारंपरिक फसलों की तुलना में कहीं अधिक है।
