नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (वार्ता) भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) ने सोमवार को कहा कि इससे व्यापार और निवेश के नये अवसर खुलेंगे।
इस समझौते पर आज ही दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किये हैं।
कैट की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि न्यूजीलैंड के साथ एफटीए आत्मनिर्भर भारत के संकल्प की एक बड़ी उपलब्धि है। यह समझौता देश को विश्व व्यापार में नये अवसर प्रदान करेगा तथा व्यापार, निवेश, नवाचार, कृषि, प्रौद्योगिकी और जन-से-जन संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जायेगा।
लोकसभा सांसद और कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता भारत को वैश्विक व्यापार का केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह देश के व्यापारियों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए वैश्विक अवसरों के नये द्वार खोलेगा। विशेष रूप से एमएसएमई , स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों के लिए यह समझौता परिवर्तनकारी सिद्ध होगा। एमएसएमई को नए निर्यात बाजार मिलेंगे, स्टार्टअप को अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के अवसर प्राप्त होंगे और महिला उद्यमियों को वैश्विक व्यापार में मजबूत भागीदारी का मार्ग मिलेगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह समझौता विशेष रूप से देश के श्रम-प्रधान क्षेत्रों – कपड़ा, परिधान, चमड़ा, जूते-चप्पल, इंजीनियरिंग उत्पाद और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों को 100 प्रतिशत ड्यूटी-फ्री एक्सेस प्रदान करेगा, जिससे भारतीय निर्यात को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे।
साथ ही न्यूजीलैंड से भारत को लकड़ी, कोकिंग कोल, मेटल स्क्रैप, एग्री-टेक, डेयरी तकनीक, वूल आदि कच्चा माल एवं संसाधन प्रतिस्पर्धात्मक दामों पर उपलब्ध होंगे, जिससे भारतीय उद्योगों की लागत घटेगी और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ेगी।
