
छतरपुर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सरकारी लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में तीन जीवित लोगों को मृत घोषित कर दिया गया, जिसके चलते उनकी पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ बंद हो गया। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने संबंधित पंचायत सचिव अमर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रभावित लोगों में रमाबाई रायकवार, गिरजा विश्वकर्मा और कल्लू अहिरवार शामिल हैं। इन सभी ने शिकायत की कि सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया, जिससे वे विधवा पेंशन और अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने से वंचित हो गए।
मामले के उजागर होने के बाद स्थानीय स्तर पर आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने इस घटना के पीछे पंचायत स्तर की राजनीति और चुनावी रंजिश की आशंका जताई है। हालांकि प्रशासन फिलहाल इसे तकनीकी त्रुटि मान रहा है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने मामले को गंभीर कदाचार मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पंचायत सचिव अमर सिंह को निलंबित कर जनपद पंचायत गौरिहार से संबद्ध किया गया है। जांच पूरी होने तक उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
प्रशासन का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।
