नई दिल्ली | भारतीय फार्मा सेक्टर की दिग्गज कंपनी सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने वैश्विक स्तर पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने सोमवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध अमेरिकी दवा कंपनी ‘ऑर्गेनन एंड कंपनी’ को 11.75 बिलियन डॉलर (लगभग 98,000 करोड़ रुपये) में खरीदने का आधिकारिक ऐलान किया है। यह भारतीय दवा उद्योग के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण है। सन फार्मा ऑर्गेनन के सभी शेयरों को 14 डॉलर प्रति शेयर के भाव पर नकद खरीदेगी। इस मेगा डील के 2027 की शुरुआत तक पूरी तरह संपन्न होने की उम्मीद है, जिसके लिए कंपनी अपनी आरक्षित नकदी और ऋण के मिश्रण का उपयोग करेगी।
इस रणनीतिक विलय के बाद सन फार्मा और ऑर्गेनन की संयुक्त सालाना आय लगभग 12.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगी, जिससे सन फार्मा दुनिया की शीर्ष 25 दवा कंपनियों के विशिष्ट क्लब में शामिल हो जाएगी। ऑर्गेनन की मुख्य विशेषता महिलाओं के स्वास्थ्य (Women’s Health) से जुड़ी दवाएं हैं। इस अधिग्रहण के बाद सन फार्मा इस विशेष चिकित्सा क्षेत्र में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बन जाएगी। इसके अलावा, बायोसिमिलर और जेनेरिक दवाओं के क्षेत्र में भी कंपनी की स्थिति बेहद मजबूत होगी, जिससे वह दुनिया के सातवें सबसे बड़े खिलाड़ी के रूप में उभरेगी। ऑर्गेनन का पोर्टफोलियो 140 से अधिक देशों में फैला है, जिसका सीधा लाभ अब भारतीय कंपनी को मिलेगा।
इस महा-सौदे की खबर सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में सन फार्मा के प्रति निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखा गया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 6.71 प्रतिशत की उछाल के साथ 1,728.65 रुपये के स्तर पर पहुंच गए। सन फार्मा के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने इस डील को कंपनी के भविष्य के लिए मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह अधिग्रहण हमारे पोर्टफोलियो को और अधिक विविधतापूर्ण और शक्तिशाली बनाएगा। एमडी कीर्ति गनोरकर के अनुसार, यह एकीकरण न केवल विकास के नए रास्ते खोलेगा बल्कि वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं में भारत की साख को और अधिक मजबूत करेगा।

