मुरैना: चम्बल नदी पर पक्का पुल बने 2 वर्ष बीत चुके है लेकिन अभी तक सीधी बस सेवा शुरू नहीं हो पायी है। इसके अभाव में यात्रियों को कैला देवी, करौली का महज 85 किमी का सफर तय करन में 5 घंटे का वक्त लग रहा है। मुरैना, जौरा और केलारस से आने वाले यात्रियों को सबलगढ़ और चम्बल पुल (मंडरायल) पर बार-बार बसें बदलनी पड़ती है। इससे न केवल समय बर्बाद होता है। बल्कि जेब पर भी अतिरिक्त बोझ पढ़ता है।
जो यात्रा 2-3 घंटे में पूरी हो सकती है। उसमें वर्तमान में 5 घंटे लग रहे हैं। सीधी बस नहीं होने पर यात्रियों को धौलपुर-सरमथुरा होकर जाना पड़ता है जिससे दूरी 150 किमी से बढ़कर 225 किमी हो जाती है। सबलगढ़ से जयपुर के लिये रात मे तो बसें हैं। लेकिन दिन के वक्त सीधी बसों का अभाव है। इससे लोगों को जरूरी कार्यो के लिये भी रात की यात्रा करने पर मजबूर होना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार सीधी बस सेवा शुरू करती है तो यात्री टैक्स के रूप् में बड़ा राजस्व प्राप्त होगा। इससे इलाके में पर्यटन और रोजगार के नये अवसर मिलेंगे। विशेषकर नवदुर्गा और अन्य त्यौहारों के समय श्रद्धालुओं को घंटों बसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
