माली में एक साथ कई आतंकी हमले हुए। इन हमलों में राजधानी बामाको के काटी मिलिट्री बेस पर रक्षा मंत्री सादियो कैमारा की मौत हो गई और शहर पर विद्रोहियों ने कब्जा कर लिया।
माली में एक बड़ा खतरनाक और घातक हमले की खबर सामने आई है। माली में अल-कायदा से जुड़े एक आतंकी संगठन और तुआरेग विद्रोहियों ने मिलकर देश के कई हिस्सों पर एक साथ हमला कर दहशत का माहौल बना दिया। इस बड़े आतंकी हमले में देश के रक्षा मंत्री सादियो कैमारा (Sadio Camara) की मौत हो गई। इस बड़े हमले के कारण अब पूरी दुनिया की नजर माली पर हैं।
इस बड़े आतंकी हमले में रक्षा मंत्री सादिया कैमारा (Sadio Camara) के साथ-साथ उनकी दूसरी पत्नी और दो मासूम पोते-पोतियों की भी जान चली गई। आतंकी संगठन और तुआरेग विद्रोहियों ने मिलकर देश के कई जगहों पर धमाके किए। यह पिछले सालों में सबसे बड़ा और सबसे संगठित हमला बताया जा रहा है।
काटी मिलिट्री बेस पर हमला
मिली जानकारी के अनुसार, माली की राजधानी बामाको के पास, सोने की खदानों वाले इलाकों समेत कई हिस्सों में एक साथ ताबड़तोड़ हमले किए गए, जिससे देश दहल उठा। फ्रांस की मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JNIM के आतंकियों ने बामाको के काटी मिलिट्री बेस पर हमला किया, जहां रक्षा मंत्री सादियो कैमारा अपने परिवार के साथ रहते है। हमले के समय वे घर पर ही मौजूद थे।
इन आतंकी हमलों में आम जनता और कई सैनिक घायल हुए है। शुरुआत में इस हमले की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े ग्रुप जमात नुसरत अल-इस्लाम वाल-मुस्लिमीन (JNIM) ने ली थी। लेकिन फिर इस बात का खुलासा हुआ कि इसमें तुआरेग के नेतृत्व वाले अलगाववादी ग्रुप आज़ाद लिबरेशन फ्रंट (FLA) भी शामिल था और दोनों ने मिलकर ज्वाइंट ऑपरेशन चलाकर हमला किया।
हमले में कई सैनिक घायल
इस हिंसा की शुरुआत शनिवार की सुबह से ही हो गई थी। इसमें पहले बामाको के मोदिबो कीता इंटरनेशनल एयरपोर्ट और काटी मिलिट्री बेस को निशाना बनाया गया था। काटी मिलिट्री बेस माली के लिए महत्वपूर्ण डिफेंस ठिकानों में से एक है। इसके अलावा यह हमले सेंट्रल और नॉर्थ शहरों सेवरे, किडाल और गाओ में भी हुए।
माली के कई इलाकों में 3 दिन कर्फ्यू
लड़ाई शुरू होते ही देश की कई सड़कों को ब्लॉक कर दिया गया है और लोगों से घर के अंदर रहने की अपील की गई है। इन हमलों के चलते बामाको में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक लगातार तीन दिन कर्फ्यू का ऐलान कर दिया गया है। इस आतंकवादी हमले की यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस ने हमले की कड़ी निंदा की।
