एमपीपीएससी: 14 केंद्रों पर दो शिफ्ट में हुई परीक्षा

जबलपुर। रविवार सुबह जैसे ही घड़ी में 8 बजे जबलपुर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। हाथों में एडमिट कार्ड और चेहरे पर हल्की घबराहट लिए अभ्यर्थी अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। केंद्रों के बाहर पुलिस बल की तैनाती और सख्त सुरक्षा व्यवस्था साफ तौर पर दिखाई दे रही थी। प्रवेश द्वार पर एक-एक अभ्यर्थी की गहन जांच की जा रही थी। सबसे पहले ई-एडमिट कार्ड और पहचान पत्र का मिलान किया गया, इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ। इसके तुरंत बाद हेंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (एच एच एम डी) से तलाशी ली गई। कई अभ्यर्थियों को अपने साथ लाए छोटे इलेक्ट्रॉनिक सामान बाहर ही जमा कराते देखा गया।

महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग व्यवस्था

महिला अभ्यर्थियों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। उन्हें अलग कक्ष में महिला स्टाफ द्वारा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा था। खास बात यह रही कि किसी को भी जूते-मोजे पहनकर अंदर जाने की अनुमति नहीं थी—अधिकांश अभ्यर्थी चप्पल और सैंडल में ही नजर आए।

परीक्षा कक्ष के बाहर एक बार फिर जांच

केंद्र के अंदर पहुंचने के बाद भी जांच का सिलसिला खत्म नहीं हुआ। परीक्षा कक्ष के बाहर वीक्षकों द्वारा एक बार फिर जांच की गई, ताकि कोई भी प्रतिबंधित वस्तु अंदर न जा सके। हर कक्ष में अनुशासन और शांति का माहौल बना रहा।

दोनों सत्र में दिखा अभ्यर्थियों का उत्साह

परीक्षा का पहला सत्र सुबह 10 बजे शुरू हुआ और दोपहर 12 बजे शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ। इस दौरान कुल 5686 में से 4176 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 1510 अनुपस्थित रहे। दोपहर बाद दूसरा सत्र 2:15 बजे शुरू हुआ। गर्मी के बावजूद अभ्यर्थियों का उत्साह कम नहीं दिखा। दूसरे सत्र में 4093 अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि 1593 अनुपस्थित रहे।

संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात

परीक्षा में पूरे दिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात था, वहीं उड़नदस्ता और निगरानी दल लगातार सक्रिय रहे। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी, जिससे नकल की किसी भी संभावना को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

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