कल राज्य सेवा परीक्षा, त्रिस्तरीय जांच के बाद ही कर सकेंगे प्रवेश 

सीहोर। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (पीएससी) की राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा रविवार को जिले में सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की जाएगी. परीक्षा दो सत्रों में होगी पहला सत्र सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2.15 बजे से शाम 4.15 बजे तक आयोजित होगा. जिला मुख्यालय पर बनाए गए 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 1994 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे.

इस बार परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और नकलरहित बनाने के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से 90 मिनट पहले पहुंचना अनिवार्य किया गया है. प्रवेश से पहले प्रत्येक अभ्यर्थी की हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच होगी, इसके बाद बायोमेट्रिक सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन किया जाएगा. सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद रोल नंबर कार्ड पर विशेष स्टीकर लगाया जाएगा, जिसके आधार पर ही अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया जाएगा. अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर ई-प्रवेश पत्र, वैध फोटो पहचान पत्र, निर्धारित काले या नीले बॉल पेन, पासपोर्ट साइज फोटो (यदि आवश्यक हो) और पारदर्शी पानी की बोतल ले जाने की अनुमति होगी। दिव्यांग अभ्यर्थियों को उनके लिए निर्धारित आवश्यक सामग्री साथ ले जाने की छूट रहेगी.

राज्य सेवा एवं राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डिप्टी कलेक्टर एवं नोडल अधिकारी श्रीमती स्वाति मिश्रा तथा तहसीलदार भरत नायक ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्रों पर पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पंखों की उपलब्धता सहित सभी मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। साथ ही परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. कुल मिलाकर, इस बार पीएससी परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है.

केन्द्रों पर पुख्ता इंतजाम, हर गतिविधि पर रहेगी नजर

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारी की गई है. सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी लाइव मॉनिटरिंग पीएससी मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी. किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम और परीक्षा केंद्रों के बीच सीधा संपर्क स्थापित किया गया है. इसके अलावा केंद्रों पर बैरिकेडिंग, वाहन पार्किंग, सफाई, पेयजल, पंखे, शौचालय, बिजली एवं जनरेटर की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस कंट्रोल रूम और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध रहेंगी.

इन वस्तुओं पर रहेगा पूर्णत: प्रतिबंध

परीक्षा में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए कई वस्तुओं को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है. अभ्यर्थियों को जूते-मोजे पहनकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, वे केवल चप्पल या सैंडल पहनकर ही आ सकेंगे. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, घड़ी, बेल्ट, पर्स, वॉलेट, धूप का चश्मा, टोपी, क्लचर, मेटल या चमड़े के बैंड, व्हाइटनर, पेंसिल और रबर जैसी सामग्री ले जाना वर्जित रहेगा. इसके साथ ही चेहरा ढंककर प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा. हालांकि धार्मिक प्रतीकों जैसे हिजाब, पगड़ी, ताबीज या धागों का सम्मानपूर्वक सूक्ष्म परीक्षण किया जाएगा, लेकिन इन्हें हटाने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा. महिलाओं के आभूषण भी नहीं उतरवाए जाएंगे.

मुख्यालय के इन केन्द्रों पर होगी परीक्षा

जिले में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में शासकीय आवासीय खेलकूद संस्थान, स्वामी विवेकानंद हाई स्कूल मंडी, महिला पॉलिटेक्निक कॉलेज, उत्कृष्ट उमावि क्रमांक-1, महारानी लक्ष्मीबाई उमावि, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस और शासकीय कन्या महाविद्यालय शामिल हैं. इन सभी केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या के अनुसार व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं.

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