कीमोथेरेपी की बजाय टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक: राधाकृष्णन

जयपुर, 25 अप्रैल (वार्ता) उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने कैंसर से लड़ने और विजय प्राप्त करने के लिए मनोबल का मजबूत रहना जरूरी बताया है और कहा है कि कैंसर के उपचार में कीमोथेरेपी जैसी कठिन उपचार विधि के स्थान पर नवीनतम चिकित्सा अनुसंधानों में टैबलेट के जरिए उपचार की पहल उत्साहजनक है।

श्री राधाकृष्णन शनिवार को यहां कैंसर सोसाइटी द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कैंसर से बचाव के लिए विशेष रूप से युवाओं को नशीले पदार्थों और तंबाकू आदि से दूर रहना चाहिए।

उन्होंने कैंसर से बचाव के लिए व्यापक स्तर पर जन जागरूकता अभियान चलाये जाने का आह्वान करते हुए कहा कि शुद्ध पानी की उपलब्धता सबके लिए आवश्यक है। प्रतिवर्ष कैंसर के रोगी बढ़ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैंसर के उपचार के तहत कैंसर रोगियों को प्रति वर्ष पांच लाख तक का नि:शुल्क इलाज मिलता है। इसमें सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसे प्रमुख कैंसर उपचार शामिल हैं। यह योजना देश भर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में ब्रेस्ट, फेफड़े, मुंह के कैंसर और अन्य प्रकारों के इलाज को कवर करती है। गरीब मरीजों के इलाज के लिए एकमुश्त 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाती है। यह बहुत महत्वपूर्ण है। श्री राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत भी ग्रामीण क्षेत्रों में 75 प्रतिशत राशि का व्यय कैंसर बचाव के लिये किया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर इस समय देश में दूसरे नंबर का होने वाला कैंसर है। इसके बचाव के लिए वैक्सिनेशन के साथ उपचार के कारगर प्रयासों की पहल केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा की गयी है। उन्होंने कहा कि राजस्थान कैंसर से लड़कर उससे मुक्त होने वालों में अग्रणी है। जो लोग कैंसर से लड़कर आज यहां उपस्थित हैं, वे प्रेरणा देने वाले हैं।

इस अवसर पर राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे ने कहा कि जिस तरह से टीबी मुक्त अभियान चलाकर उससे मुक्ति के प्रभावी प्रयास हुए हैं, उसी तरह कैंसर मुक्त राजस्थान अभियान चलाकर प्रभावी प्रयास किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वह चिकित्सक नहीं है, लेकिन अध्ययन और लोगों से निरंतर मिलकर जाना है कि कोशिका तंत्र में विकार या फिर आनुवांशिकी के कारण भी कैंसर के मामले सामने आते हैं।

श्री बागडे ने कहा कि तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट पीने वालों को कैंसर अधिक होता है, इसलिए इनसे बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में जनजातीय बहुल जिलों के साथ का शोध किया जाये, तो पता चलेगा, वहां कैंसर के मरीज कम होते हैं। प्राकृतिक वातावरण जीवन को ऊर्जा देता है। उन्होंने कहा कि जल में घुलने वाले केमिकल, खेती में रासायनिक उर्वरकों के उत्पादों से कैंसर होता है। इसलिए आम जन को शुद्ध पानी, केमिकल मुक्त उत्पाद कैसे मिले, इस पर अधिकाधिक प्रयास किये जाने की आवश्यकता है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि कैंसर जागरूकता के लिए प्रभावी प्रयास जरूरी है। उन्होंने राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए किये जा रहे प्रयासों के बारे में विस्तार से अवगत कराया।

इससे पहले श्री राधाकृष्णन, श्री बागडे तथा श्री खींवसर ने कैंसर सर्वाइवर से सम्बन्धित फिल्म का भी लोकार्पण किया। इस अवसर पर सांसद डाॅ राधामोहन अग्रवाल एवं अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

 

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