इंदौर:मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग एमपीपीएससी परिसर में आज आधुनिक कमांड कंट्रोल रूम का शुभारंभ किया गया. आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा ने फीता काटकर इसकी शुरुआत की और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए इसकी सराहना की.इस कंट्रोल रूम के शुरू होने से अब आयोग प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों पर बनाए गए परीक्षा केंद्रों से सीधे जुड़ सकेगा और उनकी निगरानी कर सकेगा।
इसके माध्यम से परीक्षा के दौरान होने वाली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कदाचार की स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी। आवश्यकता पड़ने पर कंट्रोल रूम से सीधे केंद्राध्यक्षों से संपर्क कर समस्या का समाधान भी किया जा सकेगा. इस अवसर पर आयोग की सचिव शीतला पटले, उप सचिव कीर्ति खुरासिया, सदस्य नरेन्द्र कोष्ठी, डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी, परीक्षा नियंत्रक वीरेन्द्र कुमार गुप्ता, ओएसडी डॉ. रविन्द्र पंचभई, श्रीमती निधि राजपूत, एनआईसी के निदेशक शैलेन्द्र नाहर और इनोवेटिव इंडिया लिमिटेड के वाइस प्रेसीडेंट दीपक द्विवेदी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
भर्ती प्रक्रियाएं पारदर्शी और सुदृढ़ होगी
कार्यक्रम में बताया गया कि इस व्यवस्था से आयोग की भर्ती प्रक्रियाएं और अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ होंगी. राज्य सेवा परीक्षा 2026 में पहली बार त्रि-स्तरीय जांच प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक को शामिल किया गया है. इसके तहत अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाएगा, सीसीटीवी वेबकास्टिंग के जरिए निगरानी रखी जाएगी और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर से जांच की जाएगी. महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की अलग-अलग जांच की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है. 26 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा की निगरानी भी इसी कंट्रोल रूम से की जाएगी, जिससे परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाया जा सके.
