खंडवा: इमलीपुरा के बेगम पार्क क्षेत्र में संचालित मौत के इस कारखाने पर लगाम कसने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने आज कंधे से कंधा मिलाकर ‘ज्वाइंट ऑपरेशन’ चलाया। सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर सिंह और निगम उपायुक्त सीता मोघट के संयुक्त नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने शहर के अवैध कारोबारियों की कमर तोड़ दी है।
अधिकारियों ने खुद संभाली कमान
छापेमारी के दौरान जहां नगर निगम के अमले ने मौके पर मौजूद अवैध निर्माण और भारी मात्रा में जानवरों के अवशेषों (हड्डियों, खाल और चर्बी) को जप्त करने की प्रक्रिया संभाली, वहीं पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को नियंत्रण में रखा। कार्रवाई के दौरान जब संचालक अनवर कुरैशी और उसके साथियों ने विरोध का प्रयास किया, तो अधिकारियों ने सख्ती दिखाते हुए उन्हें तत्काल हिरासत में लेकर थाने भिजवाया।
स्वच्छता और स्वास्थ्य से खिलवाड़ पर सख्त रुख
नगर निगम की टीम ने मौके पर फैली गंदगी और दुर्गंध को देखते हुए परिसर के सैनिटाइजेशन और अवशेषों के डिस्पोजल की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल एक छापे तक सीमित नहीं रहेगी; नगर निगम अब इस क्षेत्र के अन्य संदिग्ध ठिकानों की भी जांच करेगा। प्रशासन और निगम की इस जुगलबंदी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि खंडवा की जनता की सेहत और धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी सिंडिकेट को बख्शा नहीं जाएगा।
मौके पर डटे रहे आला अफसर
कार्रवाई के दौरान मोघट पुलिस, राजस्व विभाग और निगम का स्वास्थ्य अमला पूरी मुस्तैदी के साथ डटा रहा। प्रशासन अब इस अवैध कारखाने को सील करने और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी कर रहा है।
