
भोपाल। संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश पुलिस ने भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में व्हाट्सएप कॉल के जरिए फिरौती वसूलने वाले एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। विशेष जांच दल और विशेष कार्य बल की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरोह के सदस्य फरियादी से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से फिरौती मांगते थे और डर का माहौल बनाने के लिए उसके घर की गुप्त रूप से रेकी कर वीडियो बनाकर भेजते थे। पुलिस ने इस सुनियोजित आपराधिक गतिविधि को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्य और लगातार निगरानी के आधार पर त्वरित कार्रवाई की।
मामले में पहली सफलता 16 अप्रैल को मिली, जब उत्तरप्रदेश के बांदा निवासी निर्मल तिवारी को गिरफ्तार किया गया। उसने ही पीड़ित के घर की रेकी कर वीडियो बनाया था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पूरे गिरोह का संचालन मुख्य आरोपी आनंद मिश्रा कर रहा था, जो इस अपराध के लिए वित्तीय सहायता और निर्देश दे रहा था। मिश्रा को 20 अप्रैल को नेपाल भागने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार कर लिया गया।
राजस्थान के बीकानेर निवासी जे.पी. डारा को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गिरोह को संसाधन और आर्थिक मदद उपलब्ध कराता था। पुलिस को रिमांड के दौरान गिरोह से जुड़े और अहम खुलासों की उम्मीद है।
