
नौगांव। माझी, रैकवार, मल्लाह और केवट समाज की विभिन्न मांगों को लेकर आज नौगांव में ‘माझी जनजाति संयुक्त संघर्ष समिति’ के बैनर तले जोरदार प्रदर्शन किया गया। क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।
पैदल मार्च और नारेबाजी के साथ शक्ति प्रदर्शन
प्रदर्शनकारी बस स्टैंड के पास एकत्रित हुए, जहाँ से उन्होंने पैदल मार्च शुरू किया। नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी मुख्य मार्गों से होते हुए अनुभागीय कार्यालय (SDM Office) पहुँचे। इस प्रदर्शन में नौगांव सहित सानिया, लुगासी, माधोपुर, छतरपुर, और चिरवारी जैसे क्षेत्रों से 12 समूहों के लोग शामिल हुए।
मुख्य मांगें: OBC खंड-29 में शामिल करने पर जोर
समिति के पदाधिकारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि माझी और उसके अंतर्गत आने वाली अन्य उपजातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में उचित स्थान नहीं मिल पा रहा है। उनकी प्रमुख मांग है कि उन्हें ओबीसी के खंड-29 में शामिल किया जाए, ताकि समाज के युवाओं और नागरिकों को सरकारी योजनाओं तथा आरक्षण का वास्तविक लाभ मिल सके।
पारंपरिक व्यवसाय पर अधिकार की मांग
मछुआरा समाज ने मछली पालन को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उनका कहना है कि तालाबों पर मछली पालन का अधिकार केवल मछुआ समितियों को ही मिलना चाहिए, क्योंकि यह उनका पारंपरिक व्यवसाय है। वर्तमान व्यवस्था के कारण उनकी आजीविका पर संकट मंडरा रहा है।
