
भोपाल। कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने के बावजूद महिलाओं को आरक्षण लागू करने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नायक ने कहा कि “आधी आबादी” अपने 33 प्रतिशत आरक्षण के अधिकार को हर हाल में हासिल करेगी, चाहे इसके लिए कितनी भी राजनीतिक बाधाएँ क्यों न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार परिसीमन को एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है, जिससे दक्षिणी और छोटे राज्यों के प्रतिनिधित्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
नायक ने 17 अप्रैल को विपक्ष की एकजुटता को श्रेय देते हुए कहा कि इसने “विभाजनकारी संवैधानिक संशोधन” को रोक दिया, जिसे उन्होंने लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण कानून आज भी प्रभावी है, लेकिन सरकार की निष्क्रियता के कारण लागू नहीं हो पा रहा है।
कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का हवाला देते हुए नायक ने कहा कि पार्टी महिलाओं को आरक्षण दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाएँ भी शामिल हैं।
उन्होंने राजीव गांधी और मनमोहन सिंह के नेतृत्व में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया और आगामी मानसून सत्र में “पूर्ण राजनीतिक सहमति” के साथ महिला आरक्षण लागू करने की मांग की।
